शनिवार शाम को अन्ना पशु खदेड़ने को लेकर दोनों गांवों के किसानों में विवाद बढ़ गया। दोनों गांवों के सैकड़ों लोग लाठियों से लैस होकर आमने- सामने आ गए। छपरट के पुल के दोनों ओर खडे़ ग्रामीण एक दूसरे को ललकारने लगे और पत्थरबाजी शुरू हो गयी। इससे यातायात बाधित हो गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला। दोनों ओर के ग्रामीण एक दूसरे पर जानबूझकर आवारा पशु खदेड़ने का आरोप लगा रहे हैं।
पशु बह गए नदी में
शुक्रवार दोपहर को ग्रामीणों द्वारा खदेड़े गए आधा दर्जन अन्ना जानवर छपरट पुल पर नदी के तेज बहाव में बह गए। इनमें से दो बछड़ों की नदी में डूबकर मौत हो गयी।
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प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो शुक्रवार दोपहर को किसरदा व छपरट के ग्रामीणों के बीच पशुओं को एक दूसरे के गांवों की तरफ खदेड़ने का सिलसिला चल रहा था। ग्राम छपरट के ग्रामीणों ने अन्ना जानवरों को ग्राम किसरदा की तरफ खदेड़ा लेकिन किसरदा के ग्रामीण उन पशुओं को अपनी ओर नहीं आने दे रहे थे। पशुओं को वापस छपरट की ओर खदेड़ा गया।
इस दौरान जानवर छपरट पुल पर पहुँच गए। जामनी नदी उफान पर थी। पुल पर लगभग दो फीट तक पानी था। इस दौरान चार गाय और दो बछडे़ नदी में बह गये। गाय तो किनारे लग गईं, लेकिन बछड़े नदी में बह गए।