ग्राम अनौरा निवासी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि उसके खेत में लगे ट्यूबवेल से बिजली के तार निकल गए थे, जिससे ट्यूबवेल चालू नहीं हो पा रहा था। इसकी सूचना विद्युत विभाग को दी गई। 24 जनवरी 2015 को विद्युत विभाग की ओर से बताया गया कि लाइनमैन आकर तार जोड़ देगा। इसके बाद भी वह नहीं आया तो उसके पुत्र नरेंद्र सिंह ने गांव के लाइनमैन सेवा से बात की। उसने नरेंद्र को बताया कि ग्राम मसौरा पर लाइट का काम चल रहा है तथा खितवांस फीडर बंद है। सेवा ने नरेंद्र से स्वयं तार जोड़ लेने की बात कही। लाइनमैन के कहने पर नरेंद्र तार जोड़ने लगा, तभी लाइन में करंट दौड़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सुरेश यादव खितवांस मसौरा फीडर ऑपरेटर एवं सहायक अभियंता तुलसीराम की लापरवाही के कारण उसके पुत्र की मौत हुई है, जिसकी शिकायत थाने पर की गई। सुनवाई न होने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सीजेएम के आदेश पर नामजद आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया।