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आत्महत्या को प्रेरित करने में सिपाही पति को आठ वर्ष की सजा

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आत्महत्या को उकसाने में सिपाही पति को आठ वर्ष कैद
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ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अजय पाल सिंह की अदालत ने तीन वर्ष पूर्व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात सिपाही को अपनी ही पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में दोषी पाते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर न्यायालय ने दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। बाकी अन्य आरोपी ससुरालियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मुंशी के पद पर तैनात सिपाही विनय यादव की 24 वर्षीय पत्नी प्रियंका ने गांधीनगर ललितपुर स्थित किराए के मकान में साड़ी के फंदा से आत्महत्या कर ली थी, जिस पर मृतका के पिता जनपद जालौन अंतर्गत थाना कोंच के घुसिया निवासी मनोज यादव ने पुलिस को उसी दिन दो जून 2015 को एक तहरीर देकर बताया था कि उसकी पुत्री प्रियंका यादव की शादी 25 अप्रैल 2012 को नंदनपुरा, झांसी निवासी विनय यादव पुत्र सूरज सिंह यादव के साथ हुई थी। उसने अपनी पुत्री के विवाह में आठ लाख रुपए से ज्यादा खर्च किया था और पांच लाख रुपए नगद दिया था। शादी के बाद से ही उसकी पुत्री के ससुराल वाले उसके पति विनय यादव, ससुर सूरज सिंह यादव, सास राम देवी व जेठ कमलेश उसकी पुत्री को चार पहिया गाड़ी दहेज में लाने के लिए प्रताड़ित व मारपीट करने लगे। कई बार हम लोगों ने उन्हें समझाया। विनय यादव विभाग में सिपाही के पद पर तैनात था और करीब डेढ़ माह पूर्व उसका स्थानांतरण ललितपुर हुआ था। वह गांधी नगर ललितपुर में रह रहा था। इन आरोप लगाया कि उक्त ससुरालियों ने करीब एक सप्ताह पहले ही उसकी पुत्री को गाड़ी के लिए सभी ने मिलकर बुरी तरह मारापीटा था। तब उसने बुलाकर समझाया था। इस पर उक्त ससुराली लोगों ने धमकी दी थी कि गाड़ी न मिलने पर दूसरी शादी करेंगे। इसके बाद उक्त दिवस दो जून 2015 को सुबह करीब 11 बजे कोंच में सूचना मिली कि उसकी लड़की को ससुराल वालों ने दहेज के लिए जान से मार दिया और उसकी लाश सरकारी अस्पताल में है। वह अपने अन्य परिजनों के साथ शाम करीब छह बजे ललितपुर जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां उनकी पुत्री का शव पड़ा था और शरीर पर काफी चोट थी। उसकी पुुत्री के ससुुराल का कोई भी व्यक्ति वहां नहीं था। दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर पिता ने उसकी पुत्री की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर पुलिस ने दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस की विवेचना में जेठानी प्रतीक्षा का नाम भी बढ़ाया था। इस प्रकार पुलिस ने पति विनय यादव, ससुर सूरज सिंह यादव, सास रामदेवी, जेठ कमलेश और जेठानी प्रतीक्षा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते न्यायाधीश ने अभियुक्त सिपाही पति विनय यादव को अपनी ही पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में दोषी पाते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। वहीं, न्यायालय ने आरोपी ससुर सूरज सिंह यादव, सास रामदेवी, जेठ कमलेश व जेठानी प्रतीक्षा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के पास मिला था सोसाइड नोट
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मृतका के पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के कपड़ों से एक सोसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें मृतका ने पति, ससुर, सास, जेठ व जेठानी लिखकर प्रताड़ना का उल्लेख किया था, जिसके बाद पुलिस ने विवेचना में जेठानी का नाम मुकदमा में बढ़ाया था।
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पुलिस सुरक्षा में हुआ था शव का पोस्टमार्टम
दो जून 2015 को सिपाही की पत्नी की मौत की खबर सुनकर मायके पक्ष से परिजन जिला अस्पताल पहुंचे थे, जहां सिपाही पर पुत्री की हत्या का आरोप लगाते हुए परिजनों ने आक्रोश व्यक्त किया था, जिस पर हंगामे की स्थिति देख अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया था और पुलिस सुरक्षा के बीच शव का पोस्टमार्टम किया गया था।
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