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समस्या: उद्योग को बढ़ावा देने वाले विभाग के आंगन में ही चल रही दुकानें

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उद्योग को बढ़ावा देने वाले विभाग के आंगन में ही चल रही दुकानें
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इकाई चलाने के नाम पर ले लिए भूखंड, फिर भी प्रारंभ नहीं किया कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जिला उद्योग और उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के आंगन में ही अधिकांश इकाइयां बंद पड़ी हुई हैं। कइयों ने खाली पड़े भूखंडों में दुकानों का संचालन प्रारंभ कर दिया है। वहीं, औद्योगिक आस्थानों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी मौन बने हुए हैं।
बेरोजगारी की समस्या किसी से छिपी नहीं है। शासन ने इसे कम करने का जिम्मा जिला उद्योग और उद्यम प्रोत्साहन केंद्र को दे रखा है। इस विभाग द्वारा बैंक के माध्यम से बेरोजगारों को ऋण और भूखंड मुहैया कराया जाता है। इसके लिए विभाग ने औद्योगिक आस्थान और मिनी औद्योगिक आस्थान की स्थापना की है। औद्योगिक आस्थान चंदेरा में करीब 68 प्लॉट, आठ शेड हैं तो तालबेहट व बार में मिनी औद्योगिक आस्थान में 52-52 प्लॉट इकाई स्थापना के लिए बनाए गए हैं। स्टेशन रोड स्थित कार्यालय परिसर में 22 भूखंड व आठ शेड इकाई स्थापना के लिए आवंटित किए गए हैं। यहां अधिकांश इकाई बंद पड़ी हैं। कुछ लोगों ने खाली भूखंडों में बिल्डिंग मैटेरियल से संबंधित दुकान खोल ली हैं। औद्योगिक आस्थान चंदेरा में तमाम भूखंड यूं ही खाली पड़े हैं तो कई इकाइयां मुनाफा कम होने पर बंद हो गई हैं। तालबेहट स्थित मिनी आस्थान में करीब 30 प्रतिशत इकाइयां ही सफल हैं। मिनी आस्थान बार में भी बुरा हाल है। गौरतलब है कि बीते वर्षों में तत्कालीन डीएम ने कई बंद पड़ी इकाईयों के भूखंड निरस्त कर दिए थे। इसके खिलाफ कई भूस्वामी कोर्ट की शरण में पहुंच गए थे, इनमें से कई मामले आज भी न्यायालय में विचाराधीन चल रहे हैं। इन हालात में शासन की उद्योगों को बढ़ाने की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।
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ये हैं समस्याएं
तालबेहट आस्थान में बिजली, पानी और सड़क की समस्या बनी हुई है। वहीं, चंदेरा में जल भराव, ड्रेनेज सिस्टम का अभाव, पार्कों में अतिक्रमण है। इसके अलावा यहां बिजली के हाई वोल्टेज की समस्या है। इससे कई बार मोटरें फुंक जाती हैं। रात्रि कालीन गश्त में भी व्यापारियों द्वारा कमी महसूस की जा रही है।

चल रही कार्रवाई की प्रक्रिया
जिन भूखंडों पर इकाइयों को स्थापित नहीं किया गया है, उन्हें चिह्नित कर पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। इस कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पटल सहायक फाइल तलब की गई है।
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सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उपायुक्त
जिला उद्योग और उद्यम प्रोत्साहन केंद्र

ध्यान नहीं दिया तो बनेगी गंभीर समस्या
चंदेरा में सड़क का निर्माण कराया गया है। लेकिन अंदर के हिस्से में अभी सड़क पक्की नहीं बनाई गई है। इसके अलावा सड़क ऊंची हो गई है। इससे बरसात के सीजन में जल भराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
मकरंद किलेदार, उपाध्यक्ष
डिस्ट्रिक्ट स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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