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लापरवाली: महरौनी समाचार

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मनरेगा से करवाए जा रहे अनुपयोगी काम
महरौनी। शनिवार को महरौनी ब्लॉक के समोगर गांव के ग्रामीणों ने प्रधान पर मनरेगा से निजी कार्य करवाने का आरोप लगाते हुए डीएम को शिकायती पत्र दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान सरकारी रुपये से खेतों पर निजी तौर पर काम करा रहे है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव में मनरेगा ही नहीं बल्कि सभी सरकारी योजनाओं में ग्राम प्रधान और सचिव की मनमानी चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव में मनमाने तरीके से प्रधान द्वारा पक्की नाली बनवाई जा रही है। नाली निर्माण का काम सुखलाल के घर से दयाराम के घर तक वर्ष 2017-18 में पास किया गया है, जिसकी लागत 6.47 रखी गई है। अब तक 2.59 लाख का खर्च किया जा चुका है। इस कार्य का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। यह पक्की नाली ऐसी जगह बनाई जा रही है, जहां ग्रामीणों की कोई बस्ती नहीं है। बस्ती से दूर खेतों के बीच ग्राम प्रधान का निजी बाड़ा है जिसके सामने अपने निजी उपयोग के लिए मनरेगा से यह नाली पास कराई गई है। लक्खू विश्वकर्मा, रामसखी तिवारी सहित कई ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि गांव के कुशवाहा मुहल्ले में कई ऐसी जगह है जो कीचड़ से भरे रहते हैं, जहां पक्की नाली बनना बहुत जरूरी है। इसके बाद भी जिम्मेदार ऐसी जगहों पर नाली निर्मित करवाना जरूरी नहीं समझते। वहीं, अपने निजी स्वार्थवश खेतों में 6.47 लाख की लागत से मनरेगा अंतर्गत नाली पास करा ली है जो नियमों के खिलाफ है। इस कार्य पर खर्च की जा रही धनराशि पूरी तरह से सरकारी धन का दुरुपयोग है। ग्रामीणों ने मामले में जांच की मांग की है।
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नहीं रखा प्रस्ताव
ग्राम पंचायत की खुली बैठक में कार्य योजना बनाई जानी चाहिए, लेकिन इस कार्य का खुली बैठक में कभी प्रस्ताव तक नहीं रखा गया। यदि इस कार्य का प्रस्ताव खुली बैठक में रखा जाता तो ग्रामीण इस कार्य के लिए बिल्कुल सहमति नहीं जताते।
जुगलकिशोर, ग्रामीण
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कई रास्तों में रहता कीचड़
कुशवाहा बस्ती की गलियों में गंदा पानी व कीचड़ भरा रहता हैं। 4 माह पूर्व इस कीचड़ में गिर जाने से मेरे 60 वर्षीय बुजुर्ग ससुर अर्जुन की सिर पर घास लाते समय कीचड़ में धंस गिरने से मौत हो गई थी, फिर भी आज तक इस जगह पर नाली निर्मित नही कराई गयी।
मनीषा कुशवाहा, ग्रामीण

पद का दुरुपयोग
यह नाली बस्ती से करीब आधा किलोमीटर दूर ग्राम प्रधान ने अपने खलियान पर निजी स्वार्थवश पास कराई है। इस कार्य पर हो रहा खर्च सरकारी धन का दुरुपयोग है, ग्राम प्रधान द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा रहा है।
शिवदयाल, पूर्व प्रधान, समोगर
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पानी निकासी के लिए कराया निर्माण
वहां पर कई ग्रामीणों के घर बने हैं या बनने जा रहे हैं, इस कारण घरों से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण करवाया गया है। सफाई कर्मचारियों की समस्या होने के कारण गांव की नालियों की सफाई नहीं हो पा रही है।
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हरगोविंद राय, ग्राम प्रधान
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मामले की जांच करवाई जाएंगी
यह प्रकरण मेरे संज्ञान में अब तक नहीं आया है इस कार्य की जांच कराई जाएगी और यदि इस कार्य पर वास्तव में धनराशि का दुरुपयोग किया गया है तो जिम्मेदार कर्मचारियो से वसूली की जाएगी।
इंद्रमणि त्रिपाठी, उपायुक्त श्रम रोजगार
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