महोली में कूप निर्माण की जांच शुरू
ललितपुर। विकासखंड बिरधा अंतर्गत ग्राम महोली में कूप निर्माण की जांच प्रारंभ हो गई है। सीडीओ के निर्देश पर डीसी मनरेगा ने अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के साथ ग्राम में कूपों का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए।
ग्रामीणों ने विकास खंड बिरधा की ग्राम पंचायत महोली में मनरेगा के अंतर्गत कूप निर्माण में धांधली की शिकायत की थी। इस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने सीडीओ शिवनारायण को जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसके उपरांत सीडीओ शिवनारायण ने इसकी जांच का जिम्मा डीसी मनरेगा इंद्रमणि त्रिपाठी को सौंपा। शनिवार को उन्होंने अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के साथ विकासखंड बिरधा की ग्राम पंचायत महोली में जांच शुरू कर दी। उन्होंने बारी-बारी से ग्रामीणों से बात की और मौके पर कूपों को भी देखा। जांच टीम के समक्ष ग्रामीणों ने कूप निर्माण में हुई धांधली को खोलकर रख दिया। कई लोगों ने बताया कि कूप मानक अनुरूप नहीं बनाए गए हैं, तो कई लाभार्थियों के नाम का पैसा उनकी जानकारी के बगैर निकल गया। यही नहीं, जॉबकार्ड मजदूरों के पास नहीं पाए गए। हालांकि, इस मामले की जांच कर रहे डीसी मनरेगा अभी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन, जिस तरह से ग्रामीणों ने बयान दर्ज कराए हैं, उससे यह तो तय है कि इस मामले में किसी न किसी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
गौरतलब है कि शिकायकर्ताओं ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत महोली में जो कूपों का निर्माण हुआ हैं, उनमें कुछेक को छोड़कर बाकी कूपों में धरातल पर नाममात्र का कार्य कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में लाभार्थी दरऊ के खेत पर कूप निर्माण का 3 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, जिसमें श्रमांश पर 2 लाख 33 हजार रुपये व सामग्री मद 1 लाख 27 हजार रुपये का व्यय सम्मिलित है। शिकायतकर्ता दरऊ के खेत पर निर्मित कूप की गहराई 5 फुट है। लाभार्थी ने इसकी खुदाई 4 साल पहले मशीन से कराई थी। जब कूप पहले से बना था तो ब्लास्टिंग कराने का क्या मतलब। वित्तीय वर्ष 2017-18 लाभार्थी रंका सहरिया के खेत पर निर्मित कूप पर 2 लाख 97 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें श्रमांश पर 1 लाख 94 हजार रुपये व सामग्री मद में 1 लाख 31 हजार रुपये का भुगतान हुआ है। इसका भी निर्माण लाभार्थी ने स्वयं कराया था। इस कूप का निर्माण मानक के विपरीत है। लाभार्थी महेंद्र के खेत पर कूप निर्माण पर 3 लाख 58 हजार रुपये का भुगतान हुआ है, जिसमें श्रमांश पर 2 लाख 23 हजार व सामग्री मद में 1 लाख 35 हजार रुपये सम्मिलित है। यह कूप अधूरा पड़ा है। लाभार्थी मर्दन के खेत पर कूप निर्माण के लिए 4 लाख 98 हजार रुपये व्यय किए गए, जिसमें श्रमांश पर 3 लाख 14 हजार रुपये व सामग्री मद 1 लाख 84 हजार रुपये व्यय किए गए। कमोबेश यही स्थिति रमुआ के खेत पर बने कूप की है।