गैर इरादतन हत्या में अभियुक्त को दस वर्ष की सजा
ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने साढ़े तीन वर्ष पूर्व ग्राम रोड़ा में सिंचाई के पाइप मांगने पर हुए विवाद में वृद्ध की गैर इरादतन हत्या करने के अपराध में गांव के ही एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि साढ़े तीन वर्ष पूर्व थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम रौंड़ा निवासी सुखन पुत्र रबूदे ने थाना कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसके पिता रबूदे यादव काफी समय से खेत पर ही टपरिया बनाकर रहते थे। 17 सितंबर 2014 की शाम को उसके पिता रोज की तरह खाना खाकर खेत पर चले गए थे। अगले दिन 18 सितंबर 2014 को सुबह नौ बजे वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ खेत पर पहुंचा तो देखा कि उसके पिता खेत पर बनी टपरिया के पास मृत अवस्था में पड़े थे। उनके सिर में काफी चोटें थीं और खून वह रहा था। तब मौके पर परिवार व गांव के लोगों को घटना की जानकारी दी, जिस पर गांव वाले व परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए थे। उसने पुलिस को तहरीर देकर घटना की जानकारी दी थी और मृतक के पुत्र की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस की विवेचना के बाद उक्त मामले में वृद्ध की हत्या के आरोपी ग्राम रौंड़ा का ही घनश्याम कुशवाहा उर्फ घंसू का नाम प्रकाश में आया था। जिस पर पुलिस ने आरोपी घंसू को घटना से करीब ढाई महीने बाद गिरफ्तार कर मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला विचाराधीन था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अभियुुक्त घनश्याम उर्फ घंसू को दोषी पाते हुए न्यायाधीश ने दस वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है।