सड़क किनारे से मीट बाजार हटने की बढ़ी संभावना
ललितपुर। यूपी कैबिनेट के निर्णय उपरांत नगर पालिका ने सड़क किनारे चल रहे मीट बाजार को पृथक स्थान पर व्यवस्थित करने पर गंभीरता से विचार करना आरंभ कर दिया है। वर्तमान में पानी की बड़ी टंकी के पास सड़क किनारे मीट बाजार संचालित हो रहा है। जहां कई लोग बगैर अनुमति के जानवर काट रहे हैं। इसके कारण यहां सफाई की समस्या बनी रहती है।
नगर पालिका ललितपुर को नंबर एक बनाने के लिए काम कर रही है। लेकिन पानी की बड़ी टंकी के पास सड़क किनारे चल रहे मीट बाजार के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। यहां बगैर अनुमति के मुर्गा सहित अन्य जानवर काटे जा रहे हैं जबकि शहर में एक भी स्लॉटर हाउस मान्य नहीं है। इसके बाद भी शहर में नियमों को ताक पर रखकर मीट की दुकानें संचालित हो रही हैं। यही नहीं, कई देवालयों के चंद कदम की दूूरी ही अंडे, मछली बेची जा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से रामेश्वरम मंदिर शामिल है। जिम्मेदार अफसर अब तक इनके खिलाफ कार्रवाई करने से बचते रहे हैं। हालांकि, तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने मीट बाजार को अभिलाषा पेट्रोल पंप के पीछे जगह आवंटित की थी, लेकिन यहां सेना की जमीन होने की वजह से मीट बाजार नहीं बनाया जा सका। नागरिक इसे हटाने की मांग लंबे समय से करते चले आ रहे हैं। अब जब यूपी कैबिनेट में बूचड़खानों को शहर से बाहर का निर्णय लिया है तो नगर पालिका में मीट बाजार को पृथक से व्यवस्थित किए जाने पर विचार शुरू हो गया है। उधर, नागरिकों का कहना है कि यदि मीट बाजार सड़क से हटाकर अन्य जगह ले जाया जाता है तो शाकाहार में विश्वास करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत होगी।
लिखित आदेश मिलने पर होगी कार्रवाई
शासन से लिखित आदेश प्राप्त होने पर उसका अनुपालन किया जाएगा। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के संबंध में अभी तक उनके पास कुछ भी नहीं आया है।
अवनींद्र कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
मांस मंडी के लिए करेंगे व्यवस्थित
प्रदेश के मुख्यमंत्री की कैबिनेट ने बूचड़खानों को शहर से बाहर करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जल्द ही अधिशासी अधिकारी के साथ बैठक की जाएगी। इसमें मीट बाजार के लिए पृथक स्थान तय करने पर विचार-विमर्श जाएगा। इससे मांस मंडी को व्यवस्थित स्थापित किया जा सके।
रजनी साहू, अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद ललितपुर।