उत्पीड़न से परेशान होकर स्कूल स्टाफ ने भेजा सामूहिक त्याग पत्र
ललितपुर। श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने वाले विहान बालक/बालिका आवासीय विद्यालय उत्पीड़न का केंद्र बन गए हैं। इससे परेशान होकर दोनों स्कूलों के समस्त शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष को सामूहिक त्याग पत्र भेजा है।
जिले में जूनियर स्तर तक की शिक्षा मुहैया कराने के लिए स्कूल खोले गए हैं। इनमें कहीं शिक्षक, शिक्षिकाएं आपस में झगड़ रहे हैं तो विहान विद्यालयों में स्कूल स्टाफ संचालन कर्ताओं की कार्यशैली पर आपत्ति है। स्टाफ का आरोप है कि विद्यालय का संचालन जिन लोगों को दिया गया है। उनकी कार्यशैली और नैतिक आचरण ठीक नहीं है। 14 दिसंबर को संचालनकर्ता साथी के साथ बालक एवं बालिका विद्यालय में शराब पीकर पहुंचे और अनावश्यक दबाव बनाकर नौकरी लेने की धमकी देने लगे। विद्यालय में अनाधिकृत रूप से विद्यालयी बजट का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसमें कोई पारदर्शिता नहीं है साथ ही सम्बन्धित लेखाकार व वार्डेन व पूर्णकालिक शिक्षक/शिक्षिकाओं को कोई जानकारी भी नही होती है। उनसे दवाब में हस्ताक्षर कराये जा रहे हैं। जब स्टाफ नानुकुर करता है तो उनके स्थानांतरण व निकालने की धमकी दी जाती है। आए दिन मौखिक, फोन द्वारा व अन्यत्र तरीकों से विद्यालय के शैक्षणिक एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता है, जिससे शैक्षिक प्रक्रिया अत्यंत बाधित हो रही है। छात्र-छात्राओं को भविष्य अंधकारमय दिखाई देने लगा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि देवरिया जिले जैसी कोई घटना विद्यालय में घटित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। संस्था के जो लोग विद्यालय में प्रवेश करते हैं उनके पद एवं नाम भी विद्यालय को लिखित रूप में नहीं दिए जाते हैं। इसके मद्देनजर लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष को सामूहिक त्याग पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि समस्त स्टाफ (शैक्षिक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी) सामूहिक रूप से आपके सामने त्याग-पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं।