स्टोर गबन का आरोपी गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस
ललितपुर। गत एक सप्ताह पूर्व विद्युत स्टोर में गबन के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी मुख्य आरोपी तत्कालीन स्टोर प्रभारी अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। एक सप्ताह से स्टोर में निलंबित स्टोर प्रभारी द्वारा स्टोर की चाबियां लेकर फरार होने पर यहां कामकाज भी पूरी तरह से ठप हो गया है। इस पर विद्युत स्टोर विभाग ने हरकत में आकर नोटिस की कार्रवाई में जुुटा है।
एक सप्ताह पूर्व विद्युत स्टोर विभाग में 16.92 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने पर विद्युत स्टोर के सहायक अभियंता नरेंद्र श्रीवास द्वारा स्टोर प्रभारी अजय साहू के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट पंजीकृत कराई थी। इसके बाद स्टोर प्रभारी स्टोर कार्यालय से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर फरार होने की चर्चा भी है। उक्त गबन के मामले मेें रिपोर्ट होने के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं और गबन के आरोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है, इससे वह खुले में घूम रहा है। उक्त पुलिस कार्रवाई के बाद विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता द्वारा भी निलंबन की कार्रवाई कर दी गई। इसके बाद उक्त निलंबित स्टोर प्रभारी स्टोर कार्यालय की चाबियां लेकर फरार हो गया और स्टोर में तैनात किए गए दूसरे इंचार्ज प्रभारी को भी चार्ज नहीं सौंपा जा सका है। इसके चलते स्टोर कार्यालय का कार्य भी लगातार एक सप्ताह से बाधित है। आशंका जताई जा रही है कि निलंबन के बाद उक्त स्टोर प्रभारी स्टोर कार्यालय में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर फरार हो गया है, इससे गबन के मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नष्ट करने के साथ ही सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
उच्चस्तरीय जांच से बच रहा विभाग, कईयों पर गिर सकती है गाज
विद्युत स्टोर विभाग में प्राथमिक जांच के आधार पर गबन के आरोपी के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने के अलावा निलंबन की कार्रवाई तो कर दी गई है, लेकिन इस मामले में उच्चाधिकारियों द्वारा अब भी मामला को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। विभागीय उच्चाधिकारी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच से बच रहे हैं, जबकि उच्च स्तरीय जांच से गबन के मामले में कई और परतें भी खुल जाएंगी और इसमें कई लोगों की संलिप्तता सामने आ सकेगी, ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत सामान बेचने या गायब करने का कार्य एक अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता है। इसमें अन्य कई विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों की संलिप्तता हो सकती है, जो उच्च स्तरीय जांच के बाद ही सामने आ सकेगी और जांच में कई और परतें भी खुल सकेंगी।
ट्रांसफार्मर और तेल में भी हुआ खेल
विद्युत स्टोर में ट्रांसफार्मर बदलने में और ट्रांसफार्मर का तेल बदलने के नाम पर भी खूब खेल किया गया है। यह खेल यहां कई वर्षों से विद्युत कर्मचारियों और ठेकेदारों के माध्यम से किया जा रहा है। जनपद में हर बिजली उपघर के अंतर्गत दर्जनों ऐसे ट्रांसफार्मर स्थित हैं, जिनमें महीनों तक तेल बदला ही नहीं जाता है, जिसके चलते यह ट्रांसफार्मर समय से तेल नहीं बदलने के चलते खराब हो जाते हैं। वहीं बहुत से ट्रांसफार्मर स्टोर में आते तो उनका तेल भी निकालकर बेचने के आरोप लगते रहे हैं। जबकि निजी ट्रांसफार्मर में तेल 70 प्रतिशत कम दर्शाकर उपभोक्ताओं से खूब रुपये भी ऐंठने के आरोप स्टोर कर्मचारियों पर लगे हैं।
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इनका कहना है-
विभागीय कार्रवाई की जा रही है
स्टोर कार्यालय पर निलंबित कर्मचारी ताला जड़कर फरार चल रहा है। उसके पते पर नोटिस देकर दो दिन में नए स्टोर प्रभारी को कार्यभार सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी यदि वह स्टोर का चार्ज दूसरे स्टोर प्रभारी को नहीं सौंपता है, तो विभागीय कार्रवाई के तहत चार्ज ग्रहण कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
नरेंद्र श्रीवास, एई विद्युत स्टोर विभाग।