मकानों के ऊपर हाइटेंशन लाइन, बिजली विभाग बेपरवाह
ललितपुर। विद्युत विभाग लाइनों को सुरक्षित बनाने के मामले में दोहरे मापदंड अपना रहा है, जहां एक ओर घरेलू लाइन को अंडरग्राउंड और बंच केबल डालकर सुरक्षित किया जा रहा है, वहीं, 11 हजार वोल्टेज के हाईटेंशन तार आज भी खंभों पर नीचे होकर झूल रहे हैं। कई मुहल्लों में मकानों से सटकर तार निकले हैं। स्थानीय नागरिक आए दिन इनकी चपेट में आ रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अफसर बेपरवाह हैं।
शहर की सीमा विस्तार के साथ ही खाली प्लाटों पर नई बस्तियां व कालोनियों का निर्माण शुरू हो गया है, लेकिन इसमें कई स्थानों पर बिजली के हाईटेंशन तार बाधक बन रहे हैं। कई बस्तियां ऐसी हैं जहां कल तक कच्चे मकान बने थे, जिन्हें तोड़कर लोगों ने पक्का बना लिया है, मकानों की ऊंचाई बढ़ने के साथ ही इससे हाईटेंशन लाइन के तार उन मकानों को छूने लगे हैं। बिजली करंट ऐसे परिवारों के लिए आफत बन गया है। इन तारों में दौड़ रहे 11 हजार वोल्टेज के करंट से लोग इतने भयभीत हैं कि उनकी रातों की नींद व दिन का चैन छिन गया है। जुगपुरा वार्ड में करीब एक वर्ष पहले एक महिला की करंट से मौत हो गई थी।
वहीं, झांसीपुरा वार्ड के मुहल्ला घुसयाना में कई बार लोग करंट की चपेट में आकर झुलस चुके हैं। इसी तरह पहलवान गुरुदीन महाविद्यालय को जाने वाले मार्ग पर एक बच्चा करंट से झुलस गया था। बीते रोज मुहल्ला लक्ष्मीपुरा निवासी दीपक साहू की करीब 12 वर्षीय लड़की अपने मामा के घर चौकाबाग गई थी। इसी दौरान वह बिजली के करंट की चपेट में आ गई थी, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इन घटनाओं में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विभाग ने अभी तक हाईटेंशन तारों को शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं बनाई है, जबकि स्थानीय नागरिक इन तारों को शिफ्ट करने की मांग कई बार कर चुके हैं। वर्तमान में विभागीय अफसरों का ध्यान घरेलू लाइन को बंच केबल में तब्दील करने एवं अंडर ग्राउंड तार बिछाने पर केंद्रित हैं। ऐसे में हाईटेंशन तारों के नीचे रहने वाले परिवारों के साथ कभी भी कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
घर की सीढ़ी पर लटके हैं बिजली के तार
हाईटेंशन तार घर की सीढ़ी पर लटके हुए हैं, जिससे छत पर जाना ही बंद हो गया है। दो बार भूल बस सीढ़ी पर चढ़ गए तो इसके करंट की चपेट में आ गए। किसी तरह जान बच सकी। बारिश के दिनों में मकान में करंट दौड़ने का भय हमेशा बना रहता है। तारों को शिफ्ट करने के लिए पैसा देने के लिए तैयार हैं लेकिन विद्युत विभाग इसके लिए आगे तो आए।
सियारानी, गृहणी मुहल्ला घुसयाना
रिश्तेदार व मजदूर खा चुके करंट
हाईटेंशन तार घर के ऊपर से होकर निकले हैं, इसलिए कोई रिश्तेदार भी नहीं आता है। एक बार एक रिश्तेदार आए तो उन्हें करंट लग गया था, तब से घर पर कोई रुकता नहीं है। जब कोई आता है तो इस पर नजर रहती है कि कोई छत नहीं चला जाए। कई बार मोबाइल पर नेटवर्क बने रहने के लिए लोग अचानक छत पर चले जाते हैं, ऐसे लोगों पर खास नजर रखनी पड़ती है। बीते माहों में एक मजदूर को काम करते समय करंट लग गया था, जिसे झांसी मेडिकल कालेज में भर्ती कराना पड़ा था। किसी तरह उसकी जान बची थी। दो दिन पहले हाईटेंशन तार आपस में कुछ क्षणों के लिए चिपक गए थे, यदि ये आपस में चिपके रहते तो कोई बचा हादसा हो जाता, गनीमत रही कि कुछ ही समय में तार अलग-अलग हो गए। हर रोज इस तरह खौफ रह रहे हैं।
इंद्रा, गृहणी, मुहल्ला घुसयाना
स्कूली बच्चे भी रहते भयभीत
हाईटेंशन तारों का मामला अकेले शहर की समस्या नहीं है। बेसिक शिक्षा परिषद के कई सरकारी व निजी स्कूल इस समस्या से जूझ रहे हैं। महरौनी व बिरधा क्षेत्र के कई स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार निकले हुए हैं। इससे अध्यापकों को ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है। उन्होंने कई बार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
मौके पर स्थिति का लेंगे जायजा
हाईटेंशन तार को शिफ्ट करने के लिए स्टीमेट बनवाना होगा। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि लाइन को कहां शिफ्ट किया जाए, कहीं अन्य लोग लाइन शिफ्ट करने में बाधा तो नहीं बन रहे हैं। इन सबकी छानबीन के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
नरेंद्र कटियार, अधिशासी अभियंता
विद्युत विभाग