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नकली शराब बनाने में पांच महिलाओं को 14-14 साल की सजा

Tue, 03 Apr 2018 01:21 AM IST
amarujala
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court, lalitpur news - फोटो : demo
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नकली शराब बनाने व बेचने के अपराध में ग्राम चीरा निवासी कबूतरा डेरा की पांच महिला तारा, मंदोदरी, सुनीता, मीरा व किशोरी को दोषी पाते हुुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने सोमवार को 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि नौ साल पहले तत्कालीन थाना कोतवाली एसआई अख्तर अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 25 जनवरी 2009 को वह महिला एसआई विद्यावती व अन्य महिला पुलिस कर्मचारियों के साथ गश्त कर रहे थे। ग्राम चीरा के पास मुखबिर से सूचना मिली कि तारा पत्नी रनवीर ग्राम चीरा में अपने मकान के पास खुले स्थान पर भट्टी से महुआ की लहन से कच्ची शराब बना रही हैं, और नशा को बढ़ाने के लिए यूरिया मिला रही हैं। कच्ची शराब उतारने को अन्य महिलाएं भी मौजूद हैं। सूचना पर करीब साढ़े बारह बजे दिन में दबिश देकर सभी महिलाओं को पकड़ लिया गया।

एक प्लास्टिक की कट्टिया में 20 लीटर कच्ची शराब, अप मिश्रित यूरिया मिलाकर, एक ड्रम महुआ लहन आदि बरामद किया गया। महुआ से कच्ची शराब बनाकर बेचना और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पुलिस ने एसआई की तहरीर पर नकली शराब बनाने और बेचने का मामला दर्ज कर पांचों आरोपी महिलाओं के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
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सोमवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने ग्राम चीरा निवासी अभियुक्त तारा पत्नी रनवीर कबूतरा, मंदोदरी पत्नी कैलाश कबूतरा, सुनीता पत्नी शेर सिंह, मीरा पत्नी जगदीश व किशोरी पत्नी लाखू को नकली शराब बनाने व बेचने में दोषी पाते हुए सभी को 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 12-12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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