जिले में बिना पंजीयन के दौड़ रहे छह हजार वाहन
दुर्घटनाएं की रहती है संभावना, राजस्व को भी चूना
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में छह हजार वाहन बिना पंजीकरण के ही सड़कों पर फर्राटे भर रहे हैं। ऐसे वाहनों के सड़क पर दौड़ने से दुुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है। वहीं इन वाहनों के पंजीयन न होने से परिवहन विभाग के राजस्व को चपत लगा रहे हैं। इसके बावजूद भी ऐसे वाहन कार्रवाई से बच निकलते हैं।
परिवहन विभाग में वाहनों का पंजीयन शुरूआत में केवल 15 वर्ष के लिए किया जाता है। इसके बाद वाहनों की फिटनिस व स्थिति के आधार पर ही पंजीकरण का नवीनीकरण किया जाता है। पंजीकरण का नवीनीकरण केवल पांच वर्ष के लिए वैध माना जाता है। वाहनों के पंजीयन का नवीनीकरण करवाने के लिए वाहनों को फिटनिस प्रमाण पत्र प्राप्त करना होता है। जिससे वाहनों की स्थिति ठीक बनी रहती है। इसके साथ ही नवीनीकरण के लिए परिवहन शुल्क भी अदा करना होता है। लेकिन कुछ वाहन संचालक नियमों को ताक पर रखकर बिना पंजीकरण के लिए सड़कों पर वाहनों को दौड़ा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार ऐसे पंजीकरण का नवीनीकरण न कराने वाले वाहनों की संख्या लगभग छह हजार है। इनमें अधिकांश वाहन कृषि कार्य लिए पंजीकृत वाहन ट्रैक्टरों की संख्या दो हजार बनीं हुई है। ट्रैक्टरों का पंजीयन परिवहन विभाग में एक बार ही कराया गया है। पंजीयन की वैद्यता समाप्त होने के बाद दो बार पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। दो पहिया वाहनों की स्थिति भी कुछ इस प्रकार ही है। इनकी संख्या जिले में लगभग पांच सौ है। जिनके पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। कमोवेश यही स्थित कुछ अन्य वाहनों की भी है। इनमें चार पहिया वाहन, तीन पहिया टैक्सियों व अन्य वाहन हैं। ऐसे वाहनों के संचालन होने से दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है। इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं। जिससे यह वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
कुछ ट्रैक्टर कर रहे कामर्शियल उपयोग
जिले में अधिकांश ट्रैक्टर अनफिट अवस्था में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बिल्डिंग मटेरियल का सामान ढो रहे हैं। जो कि पूरी तरह अनफिट व बिना पंजीयन के दौड़ रहे हैं। जिससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। इसके बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विलंब करने पर लगता है जुर्माना
वाहनों के पंजीयन का नवीनीकरण तय समय में किया जाता है। वैद्यता समाप्त होने के बाद न पंजीयन का नवीनीकरण न कराने वाले वाहनों पर जुर्माना किया जाता है। जो दो पहिया वाहन में तीन सौ रुपये प्रति माह अदा करना होता है। इसी प्रकार ट्रैक्टर के लिए पांच सौ रुपये मासिक जुर्माना लिया जाता है। अन्य वाहनों में भी अलग-अलग जुर्माना लगता है।
परिवहन विभाग के द्वारा बिना पंजीयन के वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। जिसमें पंजीयन की वैद्यता समाप्त होने पर कार्रवाई की जाएगी।
-सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी
ललितपुर।