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बिना महिला सुरक्षा कर्मी के हो रही घरों में घुसकर बिजली चेकिंग

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बिना महिला सुरक्षा कर्मी के हो रही बिजली चेकिंग
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चेकिंग के दौरान लगते तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप, असहज रहतीं घरों में महिला सदस्य
शहरवासियों ने टीम में जरूरी बताया महिला कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बिजली विभाग द्वारा बिना महिला कर्मचारी के घर-घर में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और बिजली चोरी के मामलों की जांच की जा रही है। विद्युत टीम पर आए दिन चेकिंग के दौरान आरोप-प्रत्यारोप भी लगते हैं और महिलाएं घर में अकेली होने पर टीमों के सामने असहज महसूस करती हैं और कई बार चेकिंग करने से मना भी करती हैं, जिससे विद्युत चेकिंग अभियान भी प्रभावित होता है। शहरवासियों ने विद्युत चेकिंग के दौरान महिला कर्मचारी का साथ होना जरूरी बताया है।
बिजली विभाग द्वारा आएदिन बिजली चोरी रोकने के तमाम उपाय किए जा रहे हैं। इसके तहत पहला उपाय तो विभाग द्वारा मीटर बदलने का कार्य ही कराया जा रहा है और अब तो अधिकांश घरों व प्रतिष्ठानों में परिसरों के अंदर लगे मीटरों को निकालकर नई तकनीक के इलेक्ट्रानिक मीटर परिसरों के बाहर स्थापित कराए जा रहे हैं। वहीं, पावर कार्पोरेशन के आदेश समय-समय पर विद्युत चेकिंग अभियान भी चलाया जाता है, जिसमें कई बार स्थानीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही मंडलीय अधिकारियों की टीमें भी अभियान में शामिल होती हैं और वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा बिजली चोरी रोकने के लिए शहर में पहले अधिकांश क्षेत्रों में खुले विद्युत तार हटाकर काली रबरयुक्त बंच केबल भी बिछाई गई, इन सब प्रयासों के बाद भी शहर के बहुत से क्षेत्रों में अब भी बिजली चोरी पकड़े जाने के मामले सामने आ रहे हैं। अब वर्तमान में बिजली विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मॉस रेट विद्युत अभियान चलाया जा रहा है, जो सुबह करीब छह बजे से पहले से शुरू कर दिया जाता है और उस समय अधिकांश घरों के सदस्य सोकर भी नहीं उठते। विभागीय टीमों द्वारा चेकिंग अभियान के दौरान लोगों के घरों में घुसकर भी चेकिंग की जाती है, जिसमें उनके घरों की छतों पर केबलों में कट लगाकार बिजली चोरी की जांच की जाती है और कई बार लोड अधिक होने के शक में घरों में लगे विद्युत उपकरणों की जांच भी की जाती है, लेकिन विद्युत विभाग इन टीमों में कहीं भी महिला सुरक्षा कर्मी की जरूरत नहीं समझता है। ऐसे में कई बार चेकिंग के दौरान महिलाओं के घरों में अकेले होने पर जब घरों में घुसने से मना किया जाता है तो विवाद की स्थिति भी बनती है। कई बार घरों में बिजली चेकिंग करने से मना करने पर उन घरों की महिला सदस्यों को भारी भी पड़ जाता है और बिजली विभाग की टीम या तो उनका बिजली कनेक्शन काट देती है या फिर बिजली चोरी के शक में एफआईआर कर देती है।
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घरों में बिना अनुमति के प्रवेश नहीं देने का है सामान्य कानून
घरों में यदि महिला सदस्य उपस्थित हैं और कोई भी बाहरी टीम घरों में चेकिंग या अन्य उद्देश्य से प्रवेश करना चाहे तो इसके लिए उस घर के मुखिया या फिर महिलाएं होने पर महिला सदस्य की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं किया जा सकता है। यह सामान्य कानून में स्पष्ट उल्लेख है। सामान्य कानून के अनुसार घरों में महिला सदस्य उपस्थित होने के कारण महिला सुरक्षा कर्मचारी टीम के साथ होना जरूरी है। बुंदेलखंड में पर्दा प्रथा का चलन भी बहुत है और यहां की महिलाएं सामान्यता अपनी बात दूसरों के सामने नहीं रख पाती हैं। इसके चलते बिजली चेकिंग के दौरान भी महिला सुरक्षा कर्मी साथ में होना जरूरी है।
राजेश देवलिया, अधिवक्ता।

टीम में नहीं रहती महिला सुरक्षा कर्मचारी
बिजली विभाग की टीम द्वारा कुछ दिन पहले मेरे घर में ही बिजली चेकिंग की गई, लेकिन उस समय घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। इसके बाद भी जबरन चेकिंग की कोशिश की गई। जबकि टीम में न तो कोई महिला कर्मचारी और न ही कोई महिला सुरक्षा कर्मचारी ही मौजूद थी। टीम के सदस्यों के पास पहचान पत्र और वर्दी भी नहीं होती, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल रहता है।
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-गुलाब बाई, घरेलू महिला।
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महिला पीआरडी कर्मचारी की मांग की है
विद्युत अभियान में चेकिंग के दौरान घरों में महिलाओं के अकेले होने पर विवाद की स्थिति सामने आती है। विद्युत चेकिंग अभियान भी जरूरी है, इसके लिए विभाग द्वारा दो पीआरडी महिला कर्मचारियों की मांग की है।
शैलेंद्र कटियार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम।
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