ओवरलोड स्कूल वाहनों पर जागा प्रशासन
ललितपुर।
शहर में स्कूल टैक्सी चालकों की मनमानी पर आखिरकार प्रशासन की नींद खुल ही गई। जिला प्रशासन के निर्देशन पर ओवरलोड स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इसके तहत पहले दिन एआरटीओ प्रवर्तन ने आठ ऑटो के चलान किए गए। चेकिंग को देखकर कई ऑटो चालकों ने अपना रास्ता बदल दिया। इस कार्रवाई से स्कूल ऑटी संचालकों में हड़कंप मचा गया है।
ऑटो चालक अपनी अधिक कमाई के चक्कर में स्कूली बच्चों को मानकों के विपरीत ठूंस-ठूंस कर भर लेते हैं। एक ऑटो में आठ बच्चों की जगह 16 से 20 बच्चे बैठा देते हैं। टैक्सी में इतनी भीड़ रहती है कि बच्चे हिल भी नहीं सकते व एक-दूसरे की गोद में बैठे रहते हैं। इससे नियमों का उल्लंघन तो होता ही साथ ही इन ओवरलोड ऑटो में बैठे बच्चों की जान का भी हमेशा खतरा बना रहता है। अनेकों बार ऐसे घटनाएं घटित हुई हैं, जहां सामने आता है कि ओवरलोड के कारण बच्चों से भरी स्कूली ऑटो सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई है। ऐसी घटनाओं को रोकने व लंबे समय से नियमों का उल्लंघन कर रहे ओवरलोड स्कूली ऑटो के परिवहन पर रोक लगाने के लिए डीएम मानवेंद्र सिंह के निर्देशन पर एआरटीओ सुरेंद्र सिंह ने अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार को उन्होंने अपने सिपाहियों के साथ सिविल लाइन क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उनके द्वारा कुल आठ ऑटो के चालान किया गए। चेकिंग को देखकर अन्य ऑटो चालकों ने अपना रास्ता बदल दिया। कुछ ऑटो चालक रास्ते में ही बच्चों को छेड़कर भागते हुए नजर आए। इस दौरान एआरटीओ व उनकी टीम ने टैक्सी चालकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए कि ओवर लोडिंग न करें, यदि अब ऐसा पाया जाता है तो गाड़ियों को जब्त कर लिया जाएगा।
अभिभावक भी कम जिम्मेदार नहीं
ओवरलोड स्कूली वाहन संचालकों की मनमानी को बढ़ावा देने में सबसे बड़ी भूमिका अभिभावकों की है। ऑटो चालक तो अपनी मोटी कमाई के चलते बच्चों की जान से खिलवाड़ कर लेते हैं, लेकिन अभिभावक जो बच्चे उनके कलेजे का टुकड़ा है, वह उनकी जान के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को चुपचाप क्यों बर्दाश्त करते रहते हैं। जब तक अभिभावक इस मामले में खुद जागरूक नहीं होते हैं, तब तक इस पर पूरी तरह से अंकुश लगा पाना पूरी तरह से संभव नहीं है।
सख्ती के साथ निरंतर चलेगा अभियान
जिलाधिकारी के निर्देशन यह अभियान शुरू किया गया है और आने वाले दिनों में यह अभियान जारी रहेगा और सख्ती के साथ चलेगा। शुक्रवार को चेकिंग के दौरान कई वाहनों ने अपना रास्ता बदल दिया था, लेकिन चेकिंग में अब पुलिस प्रशासन का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा और लगभग मुख्य चौराहों पर एक साथ अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी वाहन का बार-बार चलान होता है, तो फिर उसको सीज किया जाएगा।
-सुरेंद्र सिंह, एआरटीओ, प्रवर्तन अधिकारी।