शौचालय टैंक में गिरकर दो की मौत
बानपुर। शनिवार को कस्बा बानपुर स्थित पुरवा गोलियाघाट में निर्माणाधीन शौचालय टैंक में गिरकर राधाचरन व रामचरन गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उपचार के लिए अस्पताल ले गए। इस बीच राधाचरन की रास्ते में मौत हो गई। जबकि रामचरन को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। हादसा टैंक में पानी भरने के दौरान दीवार भरभराकर गिरने के दौरान हुआ।
पुरवा गोलियाघाट निवासी काशीराम अहिरवार ने मकान में शौचालय बनवाने के लिए जेसीबी से गड्ढा खुदवाया था। इसी गड्ढे को दस दिन में पक्का कर शौचालय का टैंक तैयार किया गया। टैंक में काशीराम का पुत्र राधाचरन( 26) ट्यूबवेल से पाइप के माध्यम से पानी भर रहा था। उसी समय रामचरन (22) पुत्र हरप्रसाद अहिरवार निवासी गोलियाघाट वहां से अपने खेत पर जाने के लिए निकला। राधाचरन ने रामचरन को बुलाकर पूछा कि टैंक में कहां तक पानी भरना है। यह सुनकर वह भी टैंक के ऊपर चढ़ गया और उसकी की दीवार पर बैठ गया। कुछ ही देर के बाद टैंक की दीवारें पानी का वजन सहन नहीं सकी और दीवारें भरभरा कर गिर गईं। इस कारण दोनों टैंक के मलबे के नीचे दब गए। टैंक के ऊपर पत्थर का बड़ा टुकड़ा रखा था जो उनके ऊपर जाकर गिरा। राधाचरन पत्थर के नीचे आ जाने वह गंभीर रूप से घायल हो गया। रामचरन भी दीवारों के नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने देखा तो दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे। राधाचरन को पहले बाहर निकाला गया। उसके नाक और कान से खून निकल रहा था। रामचरन दीवार के नीचे दबा था। आनन फानन में उसको भी निकाला गया। राधाचरन को परिजन टीकमगढ़ के जिला अस्पताल ले गए। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर उसे सागर रेफर कर दिया गया। लेकिन, रास्ते में उसकी मौत हो गई। रामचरन को भी इलाज के लिए टीकमगढ़ ले जाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। हादसे का कारण टैंक बनने के बाद उसकी दीवारों के पीछे खाली जगह को मिट्टी से नहीं भरना माना जा रहा है। टैंक बनाकर उसमें पानी भरने से दीवारें लोड नहीं ले सकीं और हादसा हो गया। हादसे के बाद दोनों के घरों में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि राधाचरन की दो छोटी बेटियां हैं। जबकि रामचरन की अभी एक वर्ष पहले ही शादी हुई थी।