ई-टिकट के नाम पर आरक्षित काउंटर टिकटों की दलाली करते पकड़ा
फर्जी आईडी से टिकट काउंटरों से कराता था रेल आरक्षण
सूचना पर आरपीएफ ने ई-टिकट केंद्र पर की छापामारी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ई-टिकट का लाइसेंस लेकर रेलवे आरक्षण की विंडो काउंटर टिकटों की दलाली करने वाले आरोपी को आरपीएफ ने रविवार को उसकी दुकान पर छापामारी कर पकड़ लिया। छापामारी में उक्त दलाल के पास से एक लाख तीस हजार रुपये कीमत की रेलवे टिकट विंडो से बनी 58 रेल टिकट और 17 ई-टिकट के साथ लैपटॉप, मोबाइल भी जब्त किए गए।
रेलवे टिकटों की दलाली करना ई-टिकट संचालक को महंगा पड़ गया। रविवार की दोपहर करीब 2.10 बजे आरपीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि चुंगी तिराहे के पास एक ई-टिकट बेचने वाला ट्रेवल्स की दुकान पर रेलवे आरक्षण टिकट की दलाली होती है। यह सूचना मिलने पर आरपीएफ थानाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी एसआई हरीराम यादव, विकास व्यास एवं योगेंद्र खरे की टीम ने उक्त ई-टिकट संचालक की दुकान पर छापामारी की। पूछताछ में पकड़े गए ई-टिकट संचालक व गांधी नगर निवासी चंद्रदीप पुरोहित ने बताया कि उसे आईआरसीटीसी द्वारा ई-टिकट जारी करने का अधिकृत लाइसेंस प्राप्त है, लेकिन उसके मात्र एक ही आईडी पाई गई। आरपीएफ की छापामारी में उसके पास से कुल 75 टिकट बरामद किए गए, जिनमें 17 ई-टिकट और बाकी 58 रेलवे टिकट घर के विंडो काउंटर से बनाई टिकटें बरामद हुई। जिनकी कीमत करीब एक लाख तीस हजार 738 रुपये बताई गई। छापामारी में आरपीएफ को उसके पास से एक लैपटॉप, प्रिंटर, दो मोबाइल भी जब्त किए गए। जिस पर आरपीएफ ने अभियुक्त को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए झांसी में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। बताया गया है कि रेल टिकटों की यह दलाली लंबे समय से यहां चल रही थी, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं होने की वजह से अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
रेलवे स्टेशन पर पुलिस की वर्दी में पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर
जीआरपी द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन से एक हिस्ट्रीशीटर पुलिस की वर्दी में पकड़ा गया। जीआरपी थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि वह हमराहियों के साथ रेलवे स्टेशन ललितपुर में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था कि गश्त के दौरान एक व्यक्ति मध्य प्रदेश पुलिस की फर्जी वर्दी पहने टहल रहा था। जैसे ही जीआरपी को पास आते देखा तो वह सकपका गया और वहां से नजरें चुराते भागने का प्रयास करने लगा। जीआरपी कर्मियों ने उक्त व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की तो जानकारी हुई कि वह एक शातिर अपराधी है जो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ट्रेनों में चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देता है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से जीआरपी थाने में उसी के खिलाफ पंजीकृत मुकदमा से संबंधित माल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, विभिन्न बैंकों की पास बुकें और चैक बुकें व अंक पत्र आदि बरामद किए गए। पूूछताछ में पकड़े गए अभियुक्त ने अपना नाम चंद्रपाल दोहरे उर्फ कट्टर पुत्र शिवराम दोहरे बताया, जो थाना कोतवाली उरई अंतर्गत जिला जालौन का मूल निवासी है। उक्त एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में अनेकों अपराध दर्ज हैं। उक्त अभियुक्त मध्य प्रदेश की सीमा में अपराध कर उत्तर प्रदेश में और उत्तर प्रदेश की सीमा में अपराध करके मध्य प्रदेश में शरण लेता था। जीआरपी को इसकी तलाश काकी दिनों से थी। यह एक अंतर्राज्जीय गिरोह का सदस्य है। जिसे पकड़ने के लिए जीआरपी कई स्थानों पर दबिश दे चुकी है। उसके खिलाफ कई थानों ललितपुर, उरई, हाथरस में करीब 12 अलग-अलग मामले दर्ज चल हैं।