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नाले की पुलिया पर बीच बाजार में खड़ी हो गई दो मंजिला इमारत

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नाले की पुलिया पर बीच बाजार में खड़ी हो गई दो मंजिला इमारत
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वर्षों पुराने अतिक्रमण को चिह्नित नहीं कर सके विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर के बीच बाजार में सदरकांटा के पास नाले की पुलिया पर दो मंजिला इमारत खड़ी होने के बाद भी इसे अतिक्रमण की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। जबकि, यहां पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क के दायरे का मानक बताने पर नगर पालिका द्वारा पल्ला झाड़ लिया गया है। वहीं, सड़क के दूसरी ओर नगर पालिका ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए टिन टप्पर की कई दुकानों को पीडब्ल्यूडी के मानक के अंतर्गत सड़क पर अवैध रूप से होने पर उन्हें अतिक्रमण की श्रेणी में शामिल करते हुए चिह्नित किया है।
नगर पालिका व पीडब्ल्यूडी द्वारा संयुक्त रूप से शहर में सड़कों पर फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान की रूपरेखा तय की गई थी। वर्तमान में एसडीएम की गैर मौजूदगी के चलते यह अतिक्रमण अभियान ठंडे बस्ते में पड़ा है, लेकिन अतिक्रमण हटाने के लिए विभागों द्वारा अतिक्रमण का चिह्नीकरण कर लिया गया है, जो विभागों की मंशा पर सवालिया निशान लगाता है। इसकी वजह यह है कि शहर के बीचोंबीच सदरकांटे से लेकर पानी की बड़ी टंकी के बीच भी अतिक्रमण के लिए सड़क के एक ओर चिह्नीकरण करते हुए अतिक्रमणकारियों को अवैध कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई थी। इसके लिए उक्त अतिक्रमण का चिह्नीकरण करते हुए एक लाइन भी खींच दी गई है, हालांकि अतिक्रमण अभियान रुकने की वजह से यहां का अतिक्रमण हटाया नहीं जा सका है। यहां सदरकांटा से बड़ी टंकी की ओर जाने पर सड़क के दायीं ओर पानी की निकासी के लिए नाले की पुलिया पर बीच बाजार में ही दो मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई है, इसका व्यवसायिक उपयोग हो रहा है। वहीं, इसी पुलिया पर दूसरी ओर परचूनी की दुकानें भी संचालित हो रही हैं। यही नहीं यहां सड़क के दांयी ओर वाली पंक्ति में अधिकांश निर्माण बिना नक्शा स्वीकृति के ही किए गए हैं, इस ओर विभागों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
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पूर्व में यह सड़क एनएच में आती थी, इसका दायरा उनके विभाग से हटकर था, लेकिन बाद में फिर से यह रोड पीडब्ल्यूडी में आ गया। यहां के कई मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। यदि यहां कोई नया निर्माण हुआ है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुुबोध कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
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