कर निर्धारण अधिकारी सहित निरीक्षकों से स्पष्टीकरण तलब
ललितपुर। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष ने स्वकर डाटा लीक होने के मामले में कर निर्धारण अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, इसके बिल वितरण में हो रही देरी पर राजस्व निरीक्षकों से जवाब-तलब कर लिया है। इससे कर विभाग में खलबली मच गई है।
नगर पालिका परिषद ने अपनी आय बढ़ाने के लिए स्वकर प्रणाली लागू की है। इसके अंतर्गत भूस्वामी को अपने भूभाग का ब्योरा निर्धारित प्रारूप पर भरकर देना होता है। जिस पर कर निर्धारण किया जाता है। बीते वर्षों में पालिका ने एक एजेंसी से मकान और खाली प्लॉटों का सर्वे कराया। इस दौरान एजेंसी ने जमकर मनमानी बरती। जिससे सर्वे रिपोर्ट का ब्योरा सही तरीके से तैयार नहीं हो सका। इसका खुलासा तब हुआ जब नगर पालिका कर्मियों ने इसका सत्यापन किया तो इसमें तमाम खामियां उभरकर आई। कई सभासद इस बात को लेकर अपना विरोध जता चुके हैं। इसके बाद भी कमियां दुरुस्त नहीं हो सकी। इससे बिल बनने के बाद उनका वितरण शुरू नहीं हो पाया। बीते माहों में जल संस्थान ने संयोजनधारियों से जल कर वसूलने के लिए नगर पालिका से स्वकर का ब्योरा ले लिया। विभागीय अधिकारियों ने इसकी अनुमति लेने की जरूरत भी नहीं समझी।
इससे यह हुआ कि जब जल संस्थान ने जल कर के बिल वितरित किए तो शहरवासियों में नाराजगी उत्पन्न हो गई। जिन उपभोक्ताओं को जल कर के बिल प्राप्त हो गए हैं, वह बिल हजारों रुपये में बताए जा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पिछले सालों के मुकाबले जल कर के बिल चार गुना है, जो गलत है। पिछले दिनों व्यापार मंडल ने नगर पालिका परिषद अध्यक्ष को ज्ञापन देकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। जिस पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रजनी साहू ने जल संस्थान को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि स्वकर के मामले में कई आपत्तियां प्राप्त हो रही हैं। जब तक इन आपत्तियां का निस्तारण नहीं हो जाता है, तब तक जल संस्थान जल कर बिलों का वितरण न करे। इसके अलावा उन्होंने कर निर्धारण अधिकारी अनिल कुमार अरुण से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसमें उन्होंने कहा कि स्वकर का डाटा किसकी अनुमति से जल संस्थान को दिया गया। वहीं, राजस्व निरीक्षकों से स्वकर के बिल वितरण में हो रही देरी पर जवाब तलब किया है। इससे कर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
तीन साल से चल रही कार्रवाई
वर्ष 2015 से स्वकर प्रणाली को अमलीजामा पहनाने की कार्रवाई चल रही है। स्वकर प्रणाली में भवन व प्लॉट की लंबाई-चौड़ाई, बनावट, आकार, गली की चौड़ाई के आधार पर टैक्स तय किया जाता है।