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गैंगस्टर के अपराधी को सात वर्ष की कैद

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गैंगेस्टर के अपराधी को सात वर्ष की कैद
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ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगेस्टर) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम चौबारा निवासी रुद्रपाल सिंह को गैंगेस्टर के मामले में दोषी पाते हुए सात वर्ष सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि पूराकलां थानाध्यक्ष राम कुमार मलिक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 15 जुलाई 1999 को वह थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे कि तभी ग्रामीणों ने बताया था कि गजराज सिंह शातिर अपराधी है। वह ग्राम हंसगुवां निवासी अपने साथियों रुद्रपाल सिंह, राजभान सिंह, केहर सिंह और ग्राम चौबारा निवासी संतोष सिंह के साथ अनुचित लाभ लेने के लिए गैंग बनाकर वारदातों को अंजाम देते हैं। जिससे जनता में भय व्याप्त है।
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राजभान सिंह, केहर सिंह और संतोष सिंह के विरुद्घ पूर्व में गैंगेस्टर की कार्रवाई की जा चुकी है। उसने लोगों को डरा धमकाकर संपत्ति अर्जित कर ली है। मारपीट, धमकी व लूटपाट के कई मुकदमे भी दर्ज हैं। 21 जून 1999 को राजभान सिंह गैंग सरगना संतोष सिंह आदि के घर पर होने की सूचना पर गिरफ्तार किया था। रुद्रपाल सिंह व संतोष सिंह ने बंदूक से फायर भी किया था, जिसमें एसओ और कर्मचारी घायल हो गए थे। सरकारी पिस्टल के खोल व नौ कारतूस छीन लिए थे। इस पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इसके पास से बंदूक, कुल्हाड़ी व पांच जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इसके अलावा इस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उक्त तहरीर के आधार पर उक्त गजराज और रुद्रपाल सिंह के खिलाफ गैंगेस्टर की धारा में मामला पंजीकृत करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए एक अभियुक्त रुद्रपाल सिंह को धारा तीन के अंतर्गत दोषी पाते हुए सात वर्ष कैद की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। उक्त मामले में एक अन्य आरोपी गज्जू उर्फ गजराज सिंह की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
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मिलावटी शराब में अभियुक्त को दस वर्ष की सजा
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम खिरिया मिश्र निवासी संतू उर्फ सत्यपाल को मिलावटी शराब का दोषी पाते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास और दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि थाना जाखलौन के एसआई के सिंह ने 21 मार्च 2015 को बम्हौरी माइनर के पुलिया के पास से खिरिया मिश्र निवासी संतू को सुबह करीब 6.45 बजे पकड़ा था। उसके पास से दस लीटर कच्ची शराब समेत मिलावटी शराब पकड़ी थी। यह शराब बेचने जा रहा था। शराब में यूरिया मिलाया गया था। एफएसएल रिपोर्ट में भी यूरिया मिलाए जाने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद पुलिस ने उक्त मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियुक्त जमानत पर चल रहा था। सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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