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चचेरे भाई के हत्यारे को आजीवन कारावास

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चचेरे भाई के हत्यारे को आजीवन कारावास
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ललितपुर।
पत्नी के साथ अवैध संबंधों के विवाद में चचेरे भाई की हत्या करने में दोषी ग्राम सुनौरी निवासी एक व्यक्ति को दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व थाना तालबेहट अंतर्गत ग्राम सुनौरी निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसके पुत्र की पत्नी के उसके भतीजे से अवैध संबंध थे। 10 मई 2016 को रात्रि साढ़े दस बजे उसके भतीजे सुम्मीलाल व उसके पुत्र प्रभु के बीच कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि सुम्मीलाल ने अपने हाथ में लिए कुल्हाड़ी से प्रभु के ऊपर प्रहार कर दिया। जिससे प्रभु की मौके पर ही मौत हो गई। शोरशराबा सुनकर सुम्मी भाग गया। पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने उसके पुत्र की हत्या में मुकदमा दर्ज कर दिया और आरोपी की खोजबीन शुरू कर दी थी। अगले ही दिन हत्यारोपी को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसी के घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और हत्यारोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बृहस्पतिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने अपने ही चचेरे भाई की हत्या में दोषी पाते हुए अभियुक्त सुम्मी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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