दो घंटे तक नहीं उठा बिजली सब स्टेशन का फोन
डोंगराखुर्द/नाराहट (ललितपुर)। घरों में करेंट उतरने से हुए हादसे के दौरान विद्युत विभाग के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि मकानों में करंट आने के बाद उन्होंने दो घंटे तक लगातार बिजली सब स्टेशन पर फोन लगाया, लेकिन सब स्टेशन में किसी ने फोन नहीं उठाए। इस बीच पूरे गांव में करीब दो घंटे तक करंट आने से लोग दहशत में रहे।
बिरधा सबस्टेशन से नाराहट फीडर की आपूर्ति की जाती है। बृहस्पतिवार को रात लगभग साढे़ बारह बजे हाइटेंशन लाइन के संपर्क में ट्रांसफार्मर आ जाने से अचानक अर्थ वाले तार से चिंगारियां छूटने लगी, इसे देख धनसिंह कुशवाहा ने 22 साल के बेटे आनंद को घर से बाहर निकलने को कहा। इस बीच आनंद ने टीवी बंद करनी चाही तो करंट की चपेट में आ जाने से वह झुलस गया। परिजन उसे ग्रामीणों की मदद से जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक आनंद तीन भाइयों में सबसे छोटा था, उसकी छह माह की बच्ची है। घरों में करंट दौड़ने से बड़ी संख्या में टीवी, पंखा, कूलर ,फ्रिज जल गए। ग्रामीणों ने बताया कि तारों में चिंगारियां निकल रहीं थी।
काफी देर तक आग जलती रही, बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद भी घरों में काफी देर तक करंट रहा। आग लगने से हजारों रुपये के उपकरण फुंक गए हैं। मालूम हो कि हादसे का कारण बने ट्रांसफर को बुधवार को ही बदला गया था, ग्रामीणों ने बताया कि डायरेक्ट केबल में तार जोड़ दिए गए थे, जो विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही बताई जा रही हैं। करंट फैलने से लोग घर से खेतों की तरफ भागे। इस बीच राकेश तिवारी मोबाइल निकालते समय, भागचंद, अखिलेश नायक, तुलसी भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर भी तारों में आग लगी रही। बताते चले कि इससे पहले भी विद्युत कर्मचारियों की लापरवाही के कारण झरावटा व बनयाना आदि गांवों में कई हादसे हो चुके हैं।
मामले की जांच कराई जाएगी
नाराहट फीडर के ग्राम गुढ़ा में घरों में हाइटेंशन करंट की खबर फोन से रात को ही मिली थी। इसकी सूचना एसडीओ और जेई को देकर बिजली बंद कराई गई। हाइटेंशन करंट घरों में दौड़ने का मामला गंभीर है, इसकी जांच कराई जाएगी।
आकाश सचान, अधिशासी अभियंता ग्रामीण