राज्यमंत्री के पुत्रों पर घर तोड़ने का आरोप
ललितपुर। पाली तहसील अंतर्गत बालाबेहट कस्बे के निवासियों ने राज्यमंत्री मन्नू कोरी के पुत्रों पर घर गिराने का आरोप लगाते हुए घंटाघर पर अनशन पर बैठकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों ने बताया कि मंत्री पुत्रों ने 20 जनवरी की दोपहर बाद दो बजे प्रशासन की मदद से जेसीबी से एक ही परिवार के पांच घरों को तोड़कर गिरा दिया। इस कारण वह दो दिनों से स्टेशन पर रात बिता रहे हैं। वहीं मंत्री पुत्र चंद्रशेखर पंथ ने बताया कि अनशन पर बैठा परिवार गलत आरोप लगा रहे हैं। उनको कानूनी तरीके से विस्थापित किया गया है।
सोमवार को धरने पर बैठे बालाबेहट निवासी मुरारी वासुदेव ने बताया कि वह और उसका परिवार चालीस सालों से उस जमीन पर निवास कर रहे हैं। 20 जनवरी की दोपहर करीब दो बजे जेसीबी मशीन के साथ मंत्री पुत्र चंद्रशेखर पंथ कुछ लोगों के साथ आए और जेसीबी से सभी के मकानों को गिराने लगे। इसके साथ ही मौके पर प्रशासन और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पीड़ितों ने बताया कि जब उन्होंने मकान गिराने का विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने वहां से भगा दिया और मेरा घर, मेरे पिता कुंदन वासुदेव के दो घर व भाई मोहन के दो घरों को गिरा दिया। इसके बाद पीड़ितों को रहने का ठिकाना न होने के कारण स्टेशन पर शरण लेनी पड़ी। पिछले दो दिनों से वह स्टेशन पर ही रात बिता रहे हैं। सोमवार को पीड़ितों ने परिवार सहित धरने पर बैठकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी हिमांशु गौरव ने पीड़ितों से बात की और धरना समाप्त करने की बात कही। लेकिन, पीड़ितों के न मानने पर वह वापस लौट गए। ज्ञापन पर तारा, मायारानी, देशरानी, वसंत, राधिका, रामदेवी, अरुण, रामपाल, रामदेवी, बलवीर के हस्ताक्षर हैं।
1977 को हुआ था अनुबंध
पीड़ित ने बताया कि उक्त जमीन को उनके पिता कुंदन पुत्र पन्ना बासुदेव ने बालावेहट निवासी ग्याप्रसाद से स्टांप पर खरीदी थी। पीड़ित ने बताया कि उस समय प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी इस कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी। नौ अक्तूबर 1977 से उक्त जमीन पर उसका परिवार घर बनाकर रह रहे हैं।
प्रशासन ने दिखाई तत्परता
जिले में तमाम लोग न्यायालय का आदेश लेकर अधिकारियों के चक्कर काटते रहते हैं। लेकिन, उनकी सुनवाई करने के लिए अधिकारी कोशिश नहीं करते। लेकिन, राज्यमंत्री के परिजनों का मामला आते ही अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए घरों को ध्वस्त कर दिया। इससे पीड़ित धरने पर बैठने के लिए मजबूर हो गए हैं।
दस सालों से उस जमीन पर उक्त लोगों ने कब्जा किया हुआ था। न्यायालय का आदेश आने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। पूरी प्रक्रिया न्यायिक तरीके से अपनाई गई है। जमीन पर कब्जा दिलवाने के लिए प्रशासन से प्रार्थनापत्र देकर अनुरोध किया था। उनके घरों को नहीं तोड़ा गया है बल्कि उन्होंने जिस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाकर छप्पर डाल लिए थे। उसे हटवाया गया है।
चंद्रशेखर पंथ, राज्यमंत्री पुत्र
न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा पीड़ितों के घरों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। धरने पर बैठकर बेवजह दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राज्यमंत्री के परिजनों की काफी जमीन पर कब्जा किया था तो अवैध रूप से बने टपरों को तोड़ा गया है और जमीन को कब्जामुक्त करवाया गया है। प्रशासन के साथ पुलिस भी मौके पर मौजूद थी और कब्जा हटवाया था।
सौरभ कुमार पांडेय, तहसीलदार पाली