पिकअप में लकड़ी लादने के मामले की जांच शुरू
ललितपुर। एसडीओ ललितपुर ने वन रेंज स्थित पौधशाला के भंडारण स्थल से लकड़ी पिकप में लादने के मामले की जांच शुरू कर दी है। इससे विभाग के कर्मियों में खलबली मच गई है। एक कर्मचारी तो अवकाश पर चला गया है तो अन्य कर्मी बचाव मुद्रा में नजर आ रहे हैं। इस पूरे मामले के तार बुलंदशहर जिले से जुड़ रहे हैं।
बीते दिवस सेवानिवृत्त वन दरोगा हाजी मोहम्मद कादिर खान ने डीएफओ को एक शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें उन्होंने ललितपुर वन रेंज कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को बुलंदशहर जिले से जोड़ा है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि जिले से स्थानांतरित एक अफसर के कहने पर गोविंद सागर पौधशाला से कीमती शीशम की लकड़ी के टुकड़े पिकप में लदवाए गए थे, जिसे जिले के बाहर पहुंचाने की योजना था। मौके पर इसकी वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी होने से मंसूबों पर पानी फिर गया। इस लकड़ी की कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी जा रही है। इससे पहले तीन और चार सितंबर की रात्रि में गोविंद सागर पौधशाला से करीब तीन प्रकार की प्रजातियों के पौधे बुलंदशहर भेजे गए हैं। इसी तरह ककरुआ पौधशाला से भी पौधों को उठाने की चर्चा है। सूत्र बताते हैं कि विभिन्न पौधशालाओं से करीब एक हजार से ज्यादा पौधे बुलंदशहर भेजे गए हैं। यदि इसकी गहन पड़ताल हुई तो कइयों का नपना तय माना जा रहा है। वहीं, प्रभारी डीएफओ वीके यादव ने इसकी पड़ताल का जिम्मा एसडीओ ललितपुर आरके त्रिपाठी को सौंपा है। उन्होंने आज से इस प्रकरण की पड़ताल प्रारंभ कर दी है। उनका कहना है कि शिकायती पत्र में उठाए गए बिंदुओं को इसमें शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य स्रोतों से प्राप्त जानकारियों को लेते हुए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, जो भी इस प्रकरण में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने दो से तीन दिन में जांच पूरी करने की बात कही है। जैसे ही जांच शुरू हुई तो विभागीय कर्मियों की धड़कने बढ़ गई हैं। एक कर्मी के अवकाश पर जाने की सूचना है तो अन्य कर्मचारी इस मामले से निकलने की तरकीब ढूंढ रहे हैं।