विद्युत स्टोर से गायब हो गया लाखों का सामान
ललितपुर। जिले के विद्युत स्टोर से लाखों का सामान निजी ठेकेदारों को बेचे जाने का मामला सामने आया है। बिना लेखा-जोखा के गायब हुए सामान की जानकारी प्रबंध निदेशक आगरा तक पहुंचने के बाद इसकी जांच शुरू हो गई है। जिले के अधिकारी कुछ भी इस मामले में बोलने से कतरा रहे हैं। हालांकि, अधिशासी अभियंता ने सामान गायब होने की बात स्वीकार कर ली है।
गौरतलब है कि गल्लामंडी के आगे स्थित विद्युत स्टोर में विद्युत विभाग के लिए करोड़ों का सामान मंगाकर स्टोर किया जाता है। यहां से सामान विद्युत विभाग और विभागीय प्रक्रिया के तहत अन्य लोगों को विद्युत उपयोग के लिए वितरित किया जाता है। स्टोर में विद्युत सामग्री के रुप में विद्युत तार, खंभा, विभिन्न क्षमता के ट्रांसफार्मर, विद्युत मशीनें, इंसुलेटर आदि कई प्रकार के सामान उपलब्ध कराए जाते हैं। गत तीन माह पूर्व तक यहां सिर्फ विद्युत स्टोर इंचार्ज की ही तैनाती रहती थी, जबकि अन्य स्टोर अधिकारी झांसी स्टोर में तैैनात होते थे। लेकिन ललितपुर में विद्युत विभाग का सर्किल कार्यालय स्थापित होने के बाद यहां अधिकारियों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। इसी के तहत विद्युत स्टोर में भी विद्युत स्टोर विभाग के सहायक अभियंता के रुप में नरेंद्र श्रीवास की तैनाती की गई है। सहायक अभियंता द्वारा जब विद्युत स्टोर में अपना कार्यभार ग्रहण किया और विद्युत सामान का मिलान किया तो स्टोर में लाखों का विद्युत सामान गायब मिला। शुरुआत में ही सामान गायब होने की जानकारी होने के बाद भी इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया। तीन महीने तक दबे रहे इस मामले की जानकारी प्रबंध निदेशक को मिलने के बाद उन्होंने जांच के आदेश दिए। इससे विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार सहायक अभियंता की तैनाती से पहले ही यहां से लाखों के सामान को निजी ठेकेदारों को बेच दिया गया। इसकी लागत लगभग 25 लाख रुपये थी। जिसे बाद में संसोधित कर कुछ कम करने में कामयाबी मिल गई, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिली। इसकी जानकारी मिलने के बाद भी इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और किसी को कानो-कान खबर नहीं लगने दी गई। अब एक बार फिर इस मामले के खुलने के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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तीन वर्ष पूर्व रास्ते में ही उतवा दिए थे 24 ट्रांसफार्मर
विद्युत स्टोर का घोटालों से पुराना नाता रहा है। तीन वर्ष पूर्व किसानों को नलकूप संयोजनों के लिए वितरण के लिए मंगाए गए विद्युत ट्रांसफार्मर विद्युत स्टोर के पहले बांसी गांव के पास रास्ते में ही उतरवाए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद किसानों ने विद्युत स्टोर के सामने सड़क जाम कर खूब हंगामा काटा था। जिस पर विद्युत स्टोर अधिकारियों द्वारा पुलिस की मौजूदगी में ट्रांसफार्मर वितरण कराया गया था। वहीं, विद्युत स्टोर में कर्मचारियों पर किसानों से ट्रांसफार्मर या अन्य विद्युत सामान वितरण के नाम पर अवैध वसूली के भी आरोप लगातार लगते रहे हैं।
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वर्षों पूर्व हुए करोड़ों के घोटाले का सामान भी चर्चाओं में
बसपा शासन काल में विद्युत स्टोर में करोड़ों के घोटाला का सामना आ गया था। इसकी उच्च स्तरीय जांच होने के चलते विद्युत स्टोर में उक्त घोटाले का सामान सील कर दिया गया था और उक्त घोटाले का सामान बेचने पर रोक लगा दी गई थी। ललितपुर के विद्युत स्टोर में उक्त घोटाले का सामान भी अब धीरे-धीरे कम होने की चर्चा है। जानकारों के अनुसार यदि इस सामान की भी उच्च स्तरीय जांच की जाए तो इसमें भी बड़ा घालमेल सामने आ सकता है।
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जांच में सामान गायब होने की पुष्टि मिली है, लेकिन अभी उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट नहीं भेजी है। कितनी कीमत का सामान गायब हुआ है यह अभी निर्धारित नहीं हो पाया है।
नरेंद्र श्रीवास, सहायक अभियंता, विद्युत स्टोर ललितपुर
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अभी जांच से संबंधित फोटोकॉपी प्राप्त हुई हैं। मूल कॉपी आने के बाद पता चलेगा कि कौन सा सामान गायब हुआ है। रिपोर्ट को देखकर लगभग 16 लाख रुपये के सामान गायब होने की संभावना है।
राजीव अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत स्टोर झांसी मंडल