कमियां मिलने पर 82 सचिवों को नोटिस
ओडीएफ: कई स्थानों पर शौचालय का निर्माण नहीं सका
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला ओडीएफ किए जाने के बाद भी कई ग्राम पंचायतों में या तो शौचालय अधूरे हैं या फिर पैसा लेने के बाद उन्हें बनाया नहीं गया है। इस पर डीपीआरओ ने 82 ग्राम पंचायतों को सचिवों को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। अकेले सौजना ग्राम में ही 464 शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है।
स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके आधार पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया गया है। वर्तमान में किए जा रहे निरीक्षण/सत्यापन में कई जगहों पर शौचालय या तो बने नहीं मिल रहे हैं या फिर उनमें कई कमियां उजागर हो रही हैं। इससे विभाग की किरकिरी हो रही है। जिसे ध्यान में रखकर डीपीआरओ श्रवण कुमार सिंह ने जिले की 416 में से 82 ग्राम पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसमें उन्होंने निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराकर ग्राम में तीन दिवस के अंदर शौचालयों को पूर्ण कराने के निर्देेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से ग्राम प्रधान व सचिवों में खलबली मची हुई है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो ब्लाक बिरधा में 13, मड़ावरा में 15, बार में 19, जखौरा में 14, तालबेहट में 16, महरौनी में 5 सचिवों को नोटिस निर्गत हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि महरौनी के ग्राम सौजना में वर्ष 2013-14 में 7, वर्ष 14-15 में 14, वर्ष 15-16 में 50, वर्ष 17-18 में 150, वर्ष 18-19 में 500 व्यक्तिगत शौचालय स्वीकृत हुए। इनमें से 464 शौचालय नहीं बनाए जा सके हैं। यही के ग्राम प्रधान ने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद ग्राम प्रधानों में रोष फैल गया था। इस दौरान उन्होंने प्रधानों ने सामूहिक इस्तीफे इस्तीफे की चेतावनी दी थी। वहीं, परिजनों ने भी उन पर प्रशासन का दबाव होने का आरोप लगाया था।
छूटे परिवारों के भी बन रहे शौचालय
छूटे परिवारों का सर्वे कराया गया था। इस दौरान 50 हजार 775 शौचालयों की आवश्यकता निकलकर आई थी। इनका भी निर्माण कार्य आरंभ हो गया है। अब तक 1700 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुुका है।
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नहीं दिया नोटिस
विभाग की ओर से ग्राम सौजना के सचिव को किसी का प्रकार नोटिस जारी नहीं हुआ है। बीडीओ स्तर से नोटिस दिए जाने की जानकारी नहीं है।
श्रवण कुमार सिंह
डीपीआरओ