ललितपुर के महरौनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मिदरवाहा में दहेज की खातिर गर्भवती बहू को प्रताड़ित कर घर से निकाल देने एवं मारपीट से गर्भ में बच्चे की मौत के मामले में महिला थाना ने न्यायालय के आदेश पर पांच ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना बानपुर अंतर्गत ग्राम सिमिरिया निवासी प्रीति देवी पत्नी हनुमत पाल ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी शादी तीन वर्ष पहले सात मई 2019 को महरौनी क्षेत्र के ग्राम मिदरवाहा का मजरा लक्ष्मनपुर निवासी हनुमत पुत्र मनोहर लाल पाल के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसके ससुराली दहेज में 50 हजार रुपये नकद एवं मोटरसाइकिल की मांग के लिए परेशान करने लगे।
बीते 19 मई शाम पांच बजे पति हनुमत, सास राधारानी, जेठ राममिलन, देवर जगतपाल, व अजिया ससुर बच्चूलाल ने उससे अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसके साथ गालियां देते हुए लात घूसों से मारपीट कर दी। जिससे उसे व उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर चोटें आईं। ससुरालियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी, जिस पर गांव वाले आ गए और उसे बचाया। उसने अपने माता पिता को फोन पर सूचना दी, जिस पर माता पिता ने उसके ससुराल आकर ससुरालियों को समझाया, तो सभी लोगों ने फिर से मारपीट की, जिससे वह घबरा गई।
जिस पर वह अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी को लेकर एक जोड़ी कपड़ों में मायके चली गई। फिर वह बीमार हो गई। मायके वालों ने उसका इलाज कराया। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद बीते माह चार जुलाई को पांचों ससुराली मायके आए और दहेज में रुपये व बाइक नहीं देने पर उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी और उसे जान से मारने का प्रयास करने लगे।
जिस पर उसके माता पिता ने किसी प्रकार उसे बचाया और गांव के कई लोग आ गए तब वह अपनी गाड़ी से भाग गए। उसने इसकी शिकायत महिला थाना व उच्चाधिकारी से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब महिला थाना ने मामले में न्यायालय के आदेश पर सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।