न्यायालय में बनेगी ओवरहेड टंकी
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न्यायालय परिसर में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए ओवरहेड टंकी बनाई जाएगी। इसके लिए न्याय विभाग द्वारा जल निगम को प्रस्ताव भेजा गया है।
जनपद में जिला सत्र न्यायालय, अपर जिला और सत्र न्यायालय डकैती, अपर जिला और सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय, विशेष न्यायालय मजिस्ट्रेट की कोर्ट का संचालन पुराने भवन में हो रहा है। जबकि सिविल जज सीनियर डिवीजन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज जूनियर डिवीजन और परिवार न्यायालयों का संचालन नवीन भवन में चल रहा है। जबकि फास्ट ट्रैक कोर्ट का संचालन सीजेएम न्यायालय के पीछे बने नवीन भवन में हो रहा है। न्यायालय परिसर में कोर्ट भवन के पीछे की ओर पूर्व में कई न्यायिक अधिकारियों के आवास स्थित हैं, जबकि कुछ नये आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है। ऐसे में यहां तीनों न्यायिक भवनों और आवासों में पेयजल पहुंचाने के लिए लाइन तो बिछाई गई है, लेकिन अब तक दो से तीन मंजिला न्याय भवनों व आवासों तक पेयजल पहुंचाने के लिए बड़ी मोटरों का उपयोग करना होता है। ऐसे में कई बार बिजली गुल रहने या अन्य कारणों से पेयजल समस्या उत्पन्न हो जाती है। लेकिन अब न्याय विभाग द्वारा न्यायालय परिसर में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक ओवरहेड टंकी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो जल निगम को भेजा गया है।