संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। औद्योगिक आस्थान चंदेरा से सटी 18 एकड़ बेशकीमती जमीन को लेकर चल रहे विवाद के तनाव में युवक ने जान दी थी। इस विवाद की शुरुआत 1969 में हुई थी।
मोहल्ला रामनगर निवासी राजेश राठौर ने 15 अगस्त की रात को रस्सी के फंदे पर लटक कर जान दे दी थी। 16 अगस्त की शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव घर ले गए थे। अंतिम संस्कार से पहले परिजनों ने इलाइट चौराहे पर अर्थी रखकर प्रदर्शन किया था और चंदेरा के पास स्थित जमीन के कागजों में हेरफेर करके विवाद पैदा करने के तनाव में राजेश के आत्महत्या करने की बात कही थी। उपजिलाधिकारी सदर चंद्रभूषण प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम चंदेरा में 18 एकड़ जमीन को लेकर वर्ष 1969 से विवाद चला आ रहा है। इसके मूल काश्तकार देवीदयाल हैं, जिसकी नीलामी कोर्ट द्वारा गोकुल प्रसाद के नाम किया गया था। किन्हीं कारणवश नामांतरण नहीं हो पाया था। इस बीच मूल काश्तकार देवीदयाल ने 1982 में ईश्वरी देवी को जोकि मृतक राजेश राठौर की मां हैं, के नाम विक्रय कर दिया था। इसके बाद से उक्त मामले को लेकर वाद चल रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजेश की मौत फंदे पर लटकने से होना पाया गया है।