फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: नौरता पर बनाए बच्चों ने सुआटा के चित्र

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

ललितपुर। कला भवन में चल रहे निशुल्क शिविर में बच्चे चित्रकला की बारीकियां एवं चित्रांकन करने का हुनर सीख रहे हैं।
आयोजक एवं चित्रकार ओमप्रकाश बिरथरे ने बताया कि आरंभ में बच्चों ने चित्रकला के मूलभूत सिद्धांत, चेहरा बनाने के तरीके, रंग योजना, टोन, कैलीग्राफी आदि सीखा और उस पर अभ्यास किया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड का विशेष लोकपर्व नौरता कुंवारी कन्याओं द्वारा नवरात्र में खेला जाता है। अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को किसी चबूतरे पर मिट्टी से सीढ़ियां बनाई जाती हैं, उस पर मिट्टी की गौर स्थापित की जाती है और दीवार पर एक दैत्य की आकृति बनाते हैं, जिसे सुआटा कहा जाता है। लोककथा के अनुसार सुआटा नामक दैत्य किशोरियों को परेशान कर अपने भोजन हेतु बाध्य करता था। किशोरियों ने अपने भाई सूरजबली और चंद्रबली से रक्षा की गुहार लगाई व गौरा जी का पूजन किया। उन्हीं दिनों टेसू नामक वीर का उदय हुआ, जिसने सुआटा का अंत कर उसकी पुत्री ढिरिया से विवाह किया। बच्चों ने सुआटा के विभिन्न प्रकार के चित्र बनाए एवं अपनी लोकसंस्कृति को समझा। यह शिविर 21 अप्रैल तक चलेगा। शिविर में लगभग 45 कलासाधक हुनर सीख रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें