संवाद न्यूज एजेंसी
बिरधा। सरकार स्कूल चलो अभियान चलाकर बच्चों के शत-प्रतिशत स्कूलों में प्रवेश पर जोर दे रही है, लेकिन क्षेत्र में सैकड़ों बच्चे स्कूल छोड़ कर हाईवे पर जामुन बेंच रहे हैं। यही नहीं कबाड़ बीनने से लेकर मजदूरी तक बच्चे कर रहे हैं। मगर इस ओर अधिकारियों को ध्यान नहीं है। यह स्थिति सरकार के अभियान को पलीता लगा रहा है। हाइवे पर अक्सर बच्चों को झुंड तेज रफ्तार ट्रक व चार पहिया वाहनों के सामने आ जाता है। जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। बच्चे कुछ पैसे की लालच में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बीईओ गौरव शुक्ला ने बताया कि सभी स्कूलों में 25 जून से बच्चों की उपस्थिति दर्ज होना अनिवार्य है। ब्लॉक बिरधा के सभी हाईवे के गांवों के स्कूलों के प्रधानाचार्य से बात करके बच्चों के अभिभावकों को अवगत करा देता हूं। अगर कोई भी बच्चा हाईवे पर थैली लेकर मिलता है, तो उनके अभिभावकों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।