करीब सौ दुकानदार चाट के ठेले लगाते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण कारोबार ठप है तथा दुकानदारों को अनुमति नहीं है। इससे हजारों रुपये रोज का नुकसान हो रहा है। दुकानदारों के सामने भी पैसे का संकट आ गया है। चाट खाने के शौकीन सभी जगह हैं, यह रोजमर्रा का कारोबार है। लेकिन, लॉकडाउन में चाट की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है। इस कारण यह कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। इसमें पानीपूरी पीने वाले सर्वाधिक होते हैं, लेकिन कारोबार ठप है। हससे प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। यदि समग्र रूप से आकलन करें तो लाखों रुपये का कारोबार ठप पड़ा है। लॉकडाउन के कारण फिलहाल कारोबार शुरू होने के आसार नहीं हैं।