संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। उम्र ज्यादा होने के बाद भी पुलिसकर्मी बनने के लिए जन्मतिथि में हेराफेरी कर एक युवक पुलिस भर्ती परीक्षा में बैठ गया था। लेकिन, कक्ष निरीक्षकों के शक से धोखाधड़ी का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने बुधवार को आरोपी परीक्षार्थी को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया।
18 फरवरी को मोहल्ला तालाबपुरा स्थित सुधा सागर इंटर कॉलेज केंद्र पर पुलिस भर्ती परीक्षा चल रही थी। कक्ष निरीक्षकों को परीक्षार्थी धर्मेंद्र कुमार को देखकर कुछ शक हुआ था। प्रवेश पत्र में उसकी उम्र कम थी, जबकि देखकर लगता था कि उसकी उम्र ज्यादा है। कक्ष निरीक्षकों ने धर्मेंद्र कुमार का प्रारूप-6 भरवाकर भर्ती बोर्ड को भेज दिया था। यहां से जांच रिपोर्ट आई तो पाया गया कि धर्मेंद्र ने जन्मतिथि में हेरफेर करने के लिए दो बार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। बुधवार को कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि उसका जन्म छह अप्रैल 1988 को हुआ था। वर्ष 2004 में हाईस्कूल और 2006 में उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। वह पुलिस कर्मी बनना चाहता था, लेकिन उम्र अधिक हो गई थी। इस कारण से उसने जन्मतिथि में हेराफेरी करके वर्ष 2014 में हाईस्कूल व 2018 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। जिसके बाद उसने पुलिस भर्ती परीक्षा का आवेदन किया था और 18 फरवरी को यहां परीक्षा देने लगा था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया और जेल भेज दिया।
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आधार कार्ड में जन्मतिथि में कराया था परिवर्तन
आरोपी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि हाईस्कूल-इंटर परीक्षा पास करने के बाद जब उसे नौकरी नहीं मिली तो उसने पुखरायां में एक जनसेवा केंद्र पर जाकर अपने आधार कार्ड में अंकित वास्तविक जन्मतिथि को परिवर्तित कराते हुए 30 जून 1998 करवा दिया था। इसके बाद उसने वर्ष 2014 व 2018 में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी।