एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई, ग्रामीण से वसीयत की कृषि भूमि पर नाम दर्ज करने के लिए मांगे थे 24 हजार रुपये
20 हजार रुपये में तय हुई थी बात
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। झांसी की एंटी करप्शन टीम ने बुधवार की दोपहर वसीयत की कृषि भूमि पर नाम दर्ज कराने के लिए ग्रामीण से दस हजार रुपये की रिश्वत लेते चकबंदी लेखपाल चम्मेल सिंह को चकबंदी दफ्तर से ही रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम आरोपी लेखपाल को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंची। यहां लेखपाल से पूछताछ की। लेखपाल चम्मेल सिंह मूल रूप से जनपद हाथरस के गोकुल धाम कॉलोनी का निवासी है।
तहसील सदर अंतर्गत ग्राम मसौरा खुर्द निवासी संजय राजपूत ने सात अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) झांसी में शिकायत की। इसमें बताया कि उनके बड़े ताऊ की वसीयत की कृषि भूमि को उनके व उनके भाई राघवेंद्र के नाम पर दर्ज करने की रिपोर्ट लगाने के एवज में चकबंदी लेखपाल चम्मेल सिंह 24 हजार रुपये की रिश्वत मांग कर रहा है। काफी कहने के बाद 20 हजार रुपये पर बात तय हो पाई है।
इस पर एंटी करप्शन की टीम बुधवार को जनपद पहुंची। टीम ने संजय को बुलाकर उन्हें केमिकल लगे दस हजार रुपये दिए। इसके बाद संजय ने लेखपाल चम्मेल सिंह से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह कचहरी परिसर में स्थित चकबंदी दफ्तर में मौजूद है। इसके बाद संजय चकबंदी दफ्तर पहुंच गए। यहां संजय ने टीम की ओर से दिए गए 10 हजार रुपये लेखपाल को दे दिए।
अभी चम्मेल सिंह रुपयों को सहेज भी नहीं पाया था कि वहां मौजूद एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को पकड़ लिया। इस घटना के बाद दफ्तर में हड़कंप मच गया। टीम लेखपाल को पकड़कर कोतवाली सदर पहुंची। यहां लेखपाल के हाथों को धुलवाया गया। इससे लेखपाल के हाथों में लगे केमिकल से पानी का रंग बदल गया। पुलिस लेखपाल से पूछताछ कर रही है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी लेखपाल को कोर्ट में पेश किया जाएगा।