ललितपुर/वाराणसी। बीएसए हरिकेश यादव पर 2016 में वाराणसी में तैनाती के दौरान फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्रधानाचार्य की नियुक्ति के मामले में वहां की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हितेश अग्रवाल की अदालत ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले में सपा नेता गणेश यादव सहित सात अन्य पर भी केस दर्ज होगा। प्रकरण की विवेचना चोलापुर थानाध्यक्ष करेंगे।
अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि अजीत प्रसाद रौनाखुर्द स्थित वित्तीय सहायता प्राप्त श्री विश्वकर्मा पूर्व माध्यमिक विद्यालय की वर्किंग कमेटी के स्थायी सदस्य हैं। उनका आरोप है कि विद्यालय की प्रधानाचार्य मीला यादव की नियुक्ति फर्जी विज्ञापन के आधार पर की गई है। इस नियुक्त के पीछे का उद्देश्य संस्था का पैसा लूटना है। मीला यादव का फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र तैयार कराने और अनुमोदन कराने में तत्कालीन बीएसए हरिकेश यादव और बेसिक शिक्षा विभाग के पटल सहायक मनोज मिश्रा, संतोष कुशवाहा और संजीव सिंह की अहम भूमिका रही। श्री विश्वकर्मा पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य रहते हुए मीला यादव ने असवारी और पांडेयपुर स्थित दो अन्य विद्यालयों में भी फर्जी तरीके से अपने करीबियों को सहायक अध्यापक और लिपिक के पद पर नियुक्त कराया था। इस प्रकरण की शिकायत चोलापुर थाने समेत पुलिस अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने 18 जनवरी 2018 को अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर सीजेएम की अदालत ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। चोलापुर के प्रभारी निरीक्षक अतुल सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है। अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।