ललितपुर। शहर में होने वाली वारदातों पर अंकुश लगाने और निगहबानी के लिए चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे डेढ़ साल से खराब पड़े हैं। आलम यह है कि कैमरों की स्थिति जानने के लिए पुलिस लाइन में बनाए गए कंट्रोल रूम से स्क्रीन तक गायब हो चुकी है। पूरे डेढ़ साल मेें शहर में करीब 30 से ज्यादा आपराधिक वारदात हो चुकी हैं। जिनके खुलासे के लिए पुलिस ने निजी कैमरों की मदद ली है, लेकिन अपने कैमरों को सही कराने की अफसरों के पास फुरसत नहीं है। वहीं शहरवासियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
ललितपुर शहर में कुछ साल पहले वारदातों पर लगाम लगाने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और शहर की निगहबानी के लिए 24 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। कैमरे लगवाने के बाद पुलिस अफसरों ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि अब घटनाओं की खुलासा करने में पुलिस को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। कैमरों की निगरानी के लिए पुलिस लाइन में एक कंट्रोल रूम बनाकर एक स्क्रीन लगाई गई थी।
कैमरे कुछ दिनों तक तो ठीक काम करते रहे। पुलिस को भी कुछ घटनाओं की तफ्तीश और खुलासे में कैमरे की मदद मिली। लेकिन देखरेख न होने से कैमरे खराब हो गए हैं। अब शहर में लगे सभी 24 कैमरे खराब पड़े हैं। हालत यह हो गई है कि कंट्रोल रूम में लगी स्क्रीन तक गायब हो चुकी है।
यहां लगे हैं कैमरे
रेलवे स्टेशन, वर्णी चौराहा, कलक्ट्रेट चौराहा, तुवन चौराहा, घंटाघर, इलाइट चौराहा, सदनशाह।
ठंडा पड़ गया अभिया
कुछ माह पूर्व तत्कालीन पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने सभी चौकी क्षेत्रों में दुकानदारों से आपसी समन्वय बनाकर 10-10 सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे। लेकिन पुलिस का यह अभियान भी ठंडा पड़ गया।
मुख्य चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब है। सीसीटीवी कैमरे को सुधारे जाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। शहर के अन्य मुख्य मार्गों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने चाहिए। - महेंद्र जैन मयूर, प्रदेश चेयरमैन, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
शहर में सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराया जाए। जिससे आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा। कैमरों को लेकर अपराधियों में भय होगा। व्यापारियों से भी अपने अपने प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने को कहा जाएगा। - अशोक जैन अनौरा, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार मंडल
सार्वजनिक स्थानों लगे सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराया जाएगा। इनकी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कराया जाएगा।- गोपाल कृष्ण चौधरी, पुलिस अधीक्षक