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Lalitpur News: व्यापारियों, अधिवक्ताओं और नौकरीपेशा लोगों को आयकर सीमा में छूट बढ़ने की आस

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अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। बृहस्पतिवार को पेश हो रहे केंद्रीय बजट को लेकर समाज के सभी वर्गों में काफी उम्मीदें हैं। कारोबारियों से लेकर अधिवक्ताओं, नौकरीपेशा सहित अन्य लोगों ने आयकर सीमा में छूट की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि छोटे करदाताओं को इससे लाभ होगा। आयकर के न्यूनतम दायरे को भी बढ़ाने की उम्मीद जताई। वहीं गृहिणियों ने रसोई के सामानों में महंगाई से राहत की आस है। पेश है सभी वर्गों से बातचीत के अंश।

-अधिवक्ताओं ने जताई उम्मीद
बजट में सभी को खासकर छोटे करदाताओं को न्यूनतम आयकर सीमा में वृद्धि किए जाने की उम्मीद है। आशा है बजट में इसका ध्यान रखा जाएगा।
संजीव कुमार जैन, चार्टर्ड एकाउंटेंट


लोगों को आयकर में बदलाव की उम्मीद नजर आ रही है। किसानों को टैक्स में कई प्रकार की रियायत व मध्यमवर्ग को भी इस बजट से बहुत उम्मीद है।-पवन कुमार राठौर,अधिवक्ता
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आयकर की नई व्यवस्था में बचत को नजरंदाज किया जा रहा है, इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।-सुरेश बाबू जैन, आयकर अधिवक्ता
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अभी सात लाख तक की आय वालों पर कर शून्य है, लेकिन इससे अधिक होने पर न्यूनतम कर 60 हजार है। आय जरा भी अधिक हुई तो बहुत अधिक कर देना होता है, इसमें संशोधन होना चाहिए।-धनीराम रजक, अधिवक्ता तालबेहट

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अधिवक्ताओं के लिए भी कुछ सहूलियतों का प्रावधान हो। आयकर में छूट और बेरोजगारों को कारोबार करने के लिए सस्ते दर पर ऋण की सुविधा का प्रावधान होना चाहिए।-राजपाल सिंह बुंदेला, अधिवक्ता, तालबेहट

बोले कारोबारी
दवाइयां दिनों दिन महंगी हो रही हैं जो आम आदमियों की पहुंच के बाहर हैं। सरकार को बजट में दवाइयों के रेट कम करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।-हीरालाल सेन, दवा कारोबारी, महरौनी
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सरकार टैक्स में चार स्लैब के बजाय एक यो दो स्लैब बनाए। बुंदेलखंड में बेरोजगारी के निदान को औद्योगीकरण कर बिना शर्त सब्सिडी मिलनी चाहिए।-कमलेश सराफ, टाइल्स कारोबारी


टैक्स का स्लैब बढ़ाया जाना चाहिए। जो व्यक्ति ज्यादा टैक्स देता है, उसे कोई रियायत नहीं मिलती, जबकि कम टैक्स देने वालों को काफी राहत रहती है। -धर्मेंद्र जड़िया, सराफा कारोबारी

जो लोग टैक्स नहीं देते, उन्हें सरकार सारी सुविधाएं दे रही है, जबकि टैक्स देने वाले परेशान हैं। सरकार टैक्स देने वाले व्यापारियों की भी मुफ्त इलाज की व्यवस्था करे और दुर्घटना होने पर मुआवजा दे।-सिद्धेश्वर जमौरिया, सराफा कारोबारी
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व्यापारी टैक्स देता है, लेकिन उसे सरकार कोई सुविधा नहीं देती है। बजट में व्यापारी को मुफ्त उपचार और कम रेट पर बिजली उपलब्ध कराना चाहिए। आयकर में छूट सीमा की बढ़ोतरी हो।-सिंघई शांति कुमार, कारोबारी मड़ावरा

नौकरीपेशा ने कहा
आयकर में काफी बदलाव की उम्मीद है। सरकार बजट में घरेलू सामान व गैस सिलिंडर को सस्ता करे तो काफी राहत मिल जाएगी।-बबिता देवी, शिक्षिका
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महंगाई पर अंकुश लगाने का प्रावधान बजट में होना चाहिए। मध्यम वर्गीय परिवारों का सब्जी-रोटी खाना भी कठिन हो रहा है। बेरोजगारी को कम करने का प्रावधान होना चाहिए।-मोहिनी पाठक, शिक्षिका
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बजट में महंगाई कम करने का प्रावधान होना चाहिए। जीवन की सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने में भी कठिनाइयां आ रही हैं।-नंदा कुरैशी

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बजट में रोजगार, महंगाई कम करने और घरेलू सिलिंडर, डीजल-पेट्रोल के दाम कम करने सहित किसानों के हितों का ध्यान रखना होगा।-श्रीकृष्ण सोनी, सेवानिवृत लेखपाल, तालबेहट
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