किसान दो साल पुराने बीमा क्लेम की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने आमरण अनशन शुरू करने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि जब तक बीमा क्लेम नहीं दिया जाता है, तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे। किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार ने कहा है कि बीमा क्लेम जितने दिन लेट होगा्र उसका ब्याज देना पड़ेगा। लेकिन, बीमा कंपनी ब्याज तो दूर मूल बीमा का ही पैसा देने में आनाकानी कर रही है। कई किसानों का बीमा क्लेम काट लिया गया है, लेकिन अब बीमा कंपनी कह रही है कि किसानों ने दो- दो जगह से बीमा करा लिया है। कुल मिलाकर स्थिति अभी साफ नहीं है।