बैंकों में लग रही भीड़ को कम करने के लिए बैंक मित्र सहायक सिद्घ होंगे। सैंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नाराहट के शाखा प्रबंधक ने तीन बैंक मित्र बनाए हैं, जो घर-घर पहुंचकर मनरेगा एवं जनधन बैंक खातों से पैसा निकालने में मदद करेंगे। इससे खाताधारकों को बैंक नहीं आना पड़ेेगा। कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए देश को संपूर्ण लॉकडाउन किया गया है। इससे तमाम लोगों के सामने भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। इसे ध्यान में रखकर शासन ने मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान कर दिया है। श्रमिकों ने बैंक खाते में धनराशि पहुंचते ही इसकी निकासी के लिए बैंक पहुंचना आरंभ कर दिया है। कमोवेश यही स्थिति जनधन खाताधारकों की है। बड़ी संख्या में महिलाएं भी बैंक पहुंच रही हैं। उधर, कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंस पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन बैंकों में भीड़ लगने से इसका पालन नहीं हो पा रहा है। शाखा प्रबंधक ने इस स्थिति से निपटने के लिए तीन बैंक मित्र बनाए हैं, जो खाताधारकों के घर पहुंचकर उनके धन की निकासी कराने में सहयोग करेंगे। इस तरह से बैंक में लगने वाली भीड़ खुद ब खुद छंट जाएगी। शाखा प्रबंधक विपिन कुमार ने कहा कि शाखा में दो करोड़ पचास लाख रुपये मनरेगा एवं जनधन खाते में आए हैं। खाताधारकों को बैंक में भीड़ नहीं लगाने के लिए कहा गया है। बैंक मित्र ऐसे खाताधारकों के घर पहुंचेंगे, जहां उनका भुगतान किया जाएगा। कोरोना वायरस से बचाव के लिए भुगतान घर पर ही किया जाएगा।