ललितपुर। 69 हजार शिक्षक भर्ती में फर्जी मार्कशीट लगाकर नियुक्ति पाने वाले शिक्षक की सेवाएं बीएसए ने समाप्त कर दी हैं। युवक को दो साल पहले महरौनी ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय में सहायक शिक्षक पद पर तैनाती दी गई थी।
जनपद झांसी के गुरसराय निवासी सचिन देव त्रिपाठी पुत्र संतोष कुमार त्रिपाठी की जिले में तैनाती दो नबंवर 2020 को हुई थी। इसके बाद शिक्षक सचिन देव के समस्त शैक्षिक और अन्य अभिलेखों का सत्यापन किया गया।
जिसमें स्नातक की अंकतालिकाओं को सत्यापन में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने परीक्षाफल अपूर्ण पाया गया और बैक पेपर होने के कारण अंकतालिका फर्जी बताई गई। जिसके क्रम में 10 और 23 फरवरी 2020 को शिक्षक सचिन को नोटिस जारी किए गए थे और पक्ष रखते हुए साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया था। लेकिन शिक्षक सचिन द्वारा दिए गए साक्ष्य और जवाब संतोषजनक नहीं मिले।
सात अप्रैल 2022 को सचिन देव को निलंबित कर दिया गया और दो सदस्यीय जांच समिति का गठन कर जांच आख्या मांगी गई थी। जिसके क्रम में 11 नबंवर को सचिन देव को अंतिम सुनवाई का अवसर दिया गया और 16 नबंवर को साक्ष्य और जवाब देने का समय निश्चित किया गया। लेकिन सचिन देव त्रिपाठी द्वारा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद सचिन देव त्रिपाठी पुत्र संतोष कुमार त्रिपाठी को फर्जी अभिलेखों से नौकरी हासिल करने का दोषी मानते हुए बीएसए रामप्रवेश ने सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
सचिन देव त्रिपाठी के अभिलेख सत्यापन के दौरान फर्जी पाए गए। जिसके आधार पर शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है। आगे की विभागीय कार्रवाई जारी है।
रामप्रवेश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी