संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मड़ावरा वन रेंज में रीछ (भालू) को संरक्षित करने के लिए वन विभाग कार्ययोजना तैयार कर रहा है। यहां रीछों का संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में तीन सौ अधिक रीछ मौजूद हैं। शासन के आदेश पर इन्हें संरक्षित करने के साथ अन्य विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
वर्ष 2020 की साधारण गणना में भालुओं की संख्या दो सौ पाई गई थी। लगातार निगरानी व वन विभाग के संरक्षण के चलते 2022 में इनकी संख्या 318 आंकी गई, जिसमें नर भालू की संख्या 116, मादा 139, व बच्चे 63 पाए गए थे। वन विभाग ने भालुओं के संरक्षण के लिए 30 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इस धनराशि से मड़ावरा वन ब्लॉक के लखंजर, पापड़ा, धौरीसागर, कोथरा के आसपास करीब आठ हजार हेक्टेयर भूमि पर संरक्षण की योजना बनाई थी। इसमें पर्यटकों की सुविधा के लिए कच्चा मार्ग व भालू सी प्वाइंट भी बनाने की कार्ययोजना शामिल थी। शासन से धनराशि न मिलने के कारण यह ठंडे बस्ते में चली गई थी। लेकिन, अब शासन ने एक बार फिर विभागीय अधिकारियों को नए सिरे से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। वनों में स्वच्छंद विचरण करते हुए पर्यटक भालुओं को देख सकें, इसके लिए वहां इको पर्यटन के तरीके से विकास कार्य किए जाएंगे। इस कार्ययोजना को मंजूरी मिलती है तो बुंदेलखंड की यह पहली भालू सफारी होगी।
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शासन ने नए सिरे से भालू संरक्षण व अन्य विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
शिरीन सिद्दकी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।