संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सरकार ने आम लोगों का जनधन योजना के तहत बैंकों में शून्य बैलेंस पर खाता खुलवाया था, लेकिन दस साल बाद भी 42804 खातों में एक भी पैसा जमा नहीं दिख रहा है। बैंकों ने इन खातों को चिह्नित किया है। जानकारों का कहना है कि इन खातों में योजनाओं का पैसा आते ही खाताधारक उसे निकाल लेते हैं।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत वर्ष 2014 में 16 बैंकों में जीरो बैलेंस पर छह लाख 17 हजार खाते खोले गए थे, जिसमें 297520 पुरुष व 320190 खाते महिलाओं के शामिल हैं। इन खातों में दो अरब से अधिक की धनराशि जमा की गई, जबकि वर्तमान में 42804 खातों में जीरो बैलेंस है। ग्रामीण इलाकों में 439600 व शहरी इलाकों में 178110 खाते खोले गए। सर्वाधिक खाते 224461 पंजाब नेशनल बैंक में खोले गए, जिसमें खाता धारकों ने 89 करोड़ 16 लाख रुपये का, तो दूसरे नंबर पर स्टेट बैंक में 187881 खाते खोले गए, जिसमें 42 करोड़ 59 हजार रुपये का लेनदेन हुआ।
42804 ऐसे भी खाताधारक हैं, जो अपना बैलेंस जीरो रखे हैं। जनधन योजना से मजदूर वर्ग व अन्य गरीब तबके के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है। क्योंकि किसी भी सरकारी योजना की धनराशि जब बैंक में आती है तो वह पूरी राशि निकाल लेते हैं। उन्हें इस खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखना होता। न ही न्यूनतम बैलेंस न होने की दशा में बैंक कटौती करती है।
जनधन योजना के तहत 617710 खाते संचालित हो रहे हैं। 42804 खातों में शून्य बैलेंस है। -रंजीत सिंह, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक।