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Lalitpur News: जमकर बरसे बदरा, लबालब हुए जनपद के 14 बांध, सभी के गेट खुले

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- राजघाट बांध से दो लाख और गोविंद सागर बांध से 12600 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
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- निचले इलाकों में अलर्ट घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान मारकर बहने लगे हैं। बांधों में पानी की आवक बढ़ने से सभी 14 बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। जिससे कुछ क्षेत्रों में नदियों पर बने पुल डूब गए और यहां से यातायात बंद हो गया। सुरक्षा के लिए नदी पुल के दोनों और बैरीकेडिंग लगाकर पुलिस तैनात कर दी गई है।
जिले में दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण से जिले में बहने वाली शहजाद, जामनी, सजनाम, रोहिणी, उटारी, बेतवा, जमरार, बंडई नदी सहित नाले उफान मारकर बहने लगे। तालाब भी लबालब हो गए। बांधों में पानी की आवक ज्यादा होने लगी। इस कारण से बांधों का निर्धारित जलस्तर बढ़ने लगा। जलस्तर को निर्धारित करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांधों के गेट खोलने के निर्देश दिए। बांध के गेट खोले जाने को लेकर निचले इलाकों में अलर्ट घोषित किया और नदी के किनारे न जाने की अपील की। इसके बाद बांधों के गेटों को खोला गया।
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राजघाट बांध के 12 गेट खोलकर 206886 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। माताटीला से करीब एक लाख क्यूसेक, गोविंद सागर बांध के 12 गेट खोलकर 12600 क्यूसेक, शहजाद के 5 गेट खोलकर 25000 हजार क्यूसेक, सजनाम के चार गेट खोलकर 13422 क्यूसेक, जामनी के छह गेट खोलकर 22000 क्यूसेक, उटारी के तीन गेट खोलकर 1850 क्यूसेक, रोहिणी से 4400 क्यूसेक, बंडई से 7200 क्यूसेक, जमरार से 3600 क्यूसेक, कचनौंदा से 25795 क्यूसेक, भावनी से 13045 क्यूसेक, लोअर रोहिणी से 740 क्यूसेक, भौंरट से 15300 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बांधों के गेट खुलने से निचले इलाकों पर जिला प्रशासन सहित सिंचाई विभाग नजर बनाए हुए है। वहीं लगातार लोगों से नदी के आसपास न जाने की अपील की जा रही है।

नदियों पर बने पुलों के ऊपर से बह रहा पानी
राजघाट बांध के गेट खुलने और दो लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने से राजघाट से मध्य प्रदेश के चंदेरी को जाने वाले मार्ग पर बना पुल डूब गया। पुल के ऊपर से करीब डेढ़ मीटर ऊपर पानी बह रहा है। वहीं गोविंद सागर बांध के गेट खुलने से शहर के प्रमुख मार्ग पर मोहल्ला नदीपुरा में शहजाद नदी पर बना पुल डूब गया। जामनी बांध के गेट खुलने से नाराहट-महरौनी मार्ग पर बना कुजानघाट का पुल डूब गया। शहजाद बांध के गेट खुलने से बरौदाडांग और हसार-कैलगुवां मार्ग पर बना पुल डूब गया। इसके साथ अन्य छोटे रिपटे भी पानी में डूब गए। पुलों और रिपटों के डूब जाने से इन रास्तों से गुजरने वाला यातायात थम गया। गांव के लोग वैकल्पिक रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।
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जनजीवन हुआ प्रभावित, बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
बारिश के कारण और नदी-नालों के उफान मारने से शहर, नगर, कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित रहा। बुधवार को अधिकांश लोग घराें में ही रहे। ज्यादा जरूरत होने पर ही बाहर निकले। वहीं बाजारों में कई दुकानें भी बंद रही और अधिकांश बजारों में सन्नाटा देखने को मिला।
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बांधों का नजारा देखने पहुंचे सैलानी
बुधवार को दिन भर हुई बारिश और बांधों के गेट खुलने पर इन बांधों पर भारी संख्या में सैलानी गेट खुलने का नजारा देखने पहुंचे। लोग अपने परिवार सहित यहां पहुंचे और मनोरंजन किया। वहीं बांधों पर सैलानी जुटने पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस अलर्ट रही और बांधों पर तैनात रहकर सुरक्षा ड्यूटी करती रही।

सुकुवा-ढुकुवा बांध का पानी रिपटे पर आया
तालबेहट। माताटीला बांध से छोड़ा जा रहा पानी एक बार फिर सुकुवा ढुकुवा बांध के रिपटे पर आ गया। जिससे विरधा से बबीना मार्ग पर आवागमन बंद हो गया। बांध के अधिकारियों के अनुसार रात में राजघाट से अधिक पानी छोड़े जाने पर माताटीला बांध से अधिक जल निकासी की जा सकती हैं।
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दो दिन से हो रही बारिश के कारण जिले के बांधों में पानी की आवक ज्यादा हुई। इस कारण से जिले के सभी 14 बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। पानी की आवक कम होने पर गेट बंद कर दिए जाएंगे।
इंजी. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड
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