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Lalitpur News: हरे पेड़ों पर चल रही कुल्हाड़ी और आरी, कोई नहीं ले रहा जिम्मेदारी

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महरौनी क्षेत्र में फल-फूल रहा लकड़ी का अवैध कारोबार
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अमर उजाला ब्यूरो
सिलावन(ललितपुर)। विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण को लेकर लोगों को भले ही जागरूक किया गया हो लेकिन हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी और आरी चलना बंद नहीं हुआ है। महरौनी तहसील क्षेत्र में लकड़ी का अवैध कारोबार जमकर फल-फूल रहा हैं। यहां बेखौफ होकर हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। पेड़ों की जगह ठूंठ नजर आ रहे हैं। लेकिन जिम्मेदारी इसे अंजान बने हैं।
एक ओर सरकार जंगलों और क्षेत्र को हरा-भरा बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं जंगल और ग्रामीण इलाकों में खड़े हरे-भरे पेड़ लकड़ी कारोबारियों के निशाने पर हैं। वर्तमान में बेशकीमती पेड़ों का बेखौफ अवैध कटान हो रहा हैं। अफसर सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं। महरौनी क्षेत्र स्थित वन प्रभाग क्षेत्र के अंतर्गत छपरट रेंज, गगनियां रेंज और दिगवार रेंज में हरे पेड़ों पर लकड़ी कारोबारी नजरें गड़ाएं हैं।
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यहां जहां भी नजर ठहरती है, वहीं पेड़ों के ठूंठ ही ठूंठ दिखाई देते हैं। ठूंठ को देखने से ही पता चलता हैं कि इन पर मशीन या फिर कुल्हाड़ी चलाई गई है। इस तरह क्षेत्र के ग्राम समोगर, खजुरिया, मिदरवाहा, सिलावन, किसरदा, पठा, ककरूआ और भौरट आदि गांरों से भी पेड़ों को काटकर इमारती लकड़ी इधर से उधर की जा रही है। प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर ट्रॉलियां अवैध रूप से काटी गई लकड़ी ले जाते दिखती हैं।
ये ट्रॉलियां वन विभाग के कार्यालय से होकर गुजर रही हैं बावजूद इसके वन विभाग अवैध कटान रोकने में विफल साबित हो रहा हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग कर्मियों को अवैध कटान की जानकारी दी जाती हैं, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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जंगलों में तेज हवा या आंधी से पेड़ टूटकर गिर जाते हैं जिस वजह से ठूंठ दिखाई देते हैं। क्षेत्र में वन विभाग अवैध कटान को लेकर सजग है। निरंतर निगरानी की जा रही है।
एके शर्मा, उप वनाधिकारी, वन प्रभाग क्षेत्र, महरौनी
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