रामलीला के दौरान मौजूद समिति पदाधिकारी एवं कलाकार
महरौनी। श्री रामलीला महोत्सव के छठे दिवस पर परशुराम-लक्ष्मण संवाद और चारों दशरथ कुमारों के विवाह का मंचन हुआ। लीला के प्रथम दृश्य में मुनि परशुराम ने धनुषभंग के लिए राम को ललकारा। इस पर लक्ष्मण को क्रोध आया और उनकी परशुराम से तीखी नोकझोंक हुई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। राम ने बार-बार बीच में आकर लक्ष्मण को शांत किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दशरथ कुमारों के विवाह संपन्न हुए। गाजे-बाजे के साथ भव्य बरात जनकपुर पहुंची। मंडली के कलाकारों ने पारंपरिक विवाह गीत प्रस्तुत किए। व्यास पं मुकेश नायक के मार्मिक विदाई गीत सुनकर दर्शक भावविभोर हो गए, जिससे उनकी आंखें नम हो गईं। प्रखर मिश्रा, आदर्श उदैनिया, रुद्रांश भौंडेले समेत कई कलाकारों ने सराहनीय अभिनय किया। डॉ. बाबूलाल सोनी के परिजन व रविप्रकाश तिवारी ने आरती की, जबकि आनंद त्रिपाठी के परिवार ने विवाह का बुलावा प्रसाद वितरित किया।
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