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Lalitpur News: झांसी में अतीक ने जताई थी हत्या की आशंका... सच साबित हुई

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झांसी। गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज ले जाते समय अतीक अहमद का काफिला झांसी में भी रुका था। यहां उसने अपनी हत्या की आशंका जताई थी, जो शनिवार की रात सच साबित हुई। प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। जबकि, इसके दो दिन पहले झांसी में अतीक का बेटा असद और शूटर गुलाम एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था।
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साबरमती जेल से प्रयागराज ले जाते समय एक माह के दरम्यान अतीक अहमद तीन बार झांसी से होकर गुजरा। 27 मार्च की सुबह उसे यहां लाया गया था और पुलिस लाइन में तकरीबन दो घंटे तक रोका गया था। उसने अपनी हत्या की आशंका जताई थी। इसके अलावा उसके काफिले के पीछे आई अतीक की बहन ने भी भाई की सुरक्षा को खतरा बताया था। इसके बाद पिछले बुधवार को भी झांसी होकर गुजरा था। तब अतीक ने कहा था कि सरकार ने उसके परिवार को मिट्टी में मिला दिया है। अब तो उसे रगड़ा जा रहा है। इस दरम्यान उसने अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी। बावजूद, उसकी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए गए।
बृहस्पतिवार को झांसी के बड़ागांव थाना इलाके में पारीछा थर्मल पावर प्लांट के पास एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में अतीक का पांच लाख का इनामी बेटा असद अहमद और शूटर मो. गुलाम मारा गया था। शुक्रवार की देर रात दोनों के शवों को परिजन झांसी से प्रयागराज लेकर गए थे। शनिवार की सुबह प्रयागराज में अतीक के बेटे असद को सुपुर्द ए खाक किया गया था और रात में अतीक व उसके भाई की हत्या हो गई।
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छुड़ाने का इनपुट होने के बाद भी नहीं बढ़ाई सुरक्षा
झांसी। एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम की मौत के बाद पुलिस ने बताया था कि दोनों अतीक को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की फिराक में थे। इसी उद्देश्य के साथ दोनों झांसी में डेरा डाले हुए थे। लेकिन, पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात का इनपुट होने के बाद भी उसकी सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई। अतीक और उसके भाई अशरफ पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, लेकिन पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई। ब्यूरो
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