झांसी। एसटीएफ संग मुठभेड़ में मारे गए माफिया अतीक अहमद का बेटा असद इसके पहले भी झांसी आ चुका था। एसटीएफ को आशंका है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद असद सबसे पहले फतेहपुर के रास्ते कानपुर पहुंचा। यहां से वह मुंबई पहुंच गया। इस बीच उसने झांसी को भी अपना कुछ दिनों के लिए ठिकाना बनाया था। एसटीएफ अब इसी कनेक्शन की पड़ताल करने में जुटी है।
माफिया अतीक अहमद का मुंबई में गहरा असर है। 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में उमेश पाल की गोली एवं बम मारकर अतीक के गुर्गों ने हत्याकर दी थी। असद ने भी इसमें गोलियां चलाई थी। हत्याकांड के बाद सभी बदमाश अलग-अलग वहां से फरार हो गए। बम चलाने वाला गुड्डू मुस्लिम, शूटर गुलाम और असद फतेहपुर की ओर भागे। हत्याकांड के बाद एसटीएफ ने पांच हजार से अधिक मोबाइल फोन नंबर खंगाले। इसमें गुड्डू मुस्लिम के झांसी में होने की बात मालूम चली लेकिन, असद मोबाइल नंबर बदलने के साथ ही आई फोन का इस्तेमाल कर रहा था। इस वजह से एसटीएफ उसकी लोकेशन देर से मिल पा रही थी। असद कानपुर के रास्ते नहीं जब मुंबई भागा, उसी दौरान गुड्डू मुस्लिम ने यहां झांसी में पावर प्लांट में पनाह ले रखी थी। एसटीएफ का मानना है कि उस दौरान भी अपने मददगारों की बदौलत असर ने कुछ दिनों के लिए झांसी को अपना ठिकाना बनाया था। इसके बाद यहां से होते हुए वह मुंबई भाग निकला था। फरारी काटने के बाद अजमेर से होता हुआ, 12 अप्रैल को वह दोबारा झांसी पहुंचा। यहां वह सीधा चिरगांव पहुंचा। अब एसटीएफ को उसकी तलाश है जिसकी मदद से असद यहां पहुंचा। रात में वह किसके यहां ठहरा, असद को यहां ठहरने में किसने मदद की। उसकी एसटीएफ को तलाश है। पारीछा में भी ठेकेदार सतीश पांडेय का नाम सामने आने के बाद एसटीएफ की निगाह में यहां के कई अन्य ठेकेदार भी हैं।
असद भी वहीं पेट्रोल भराने ठहरा जहां अतीक के काफिले के लिए भराया गया था पेट्रोल
एसटीएफ से मुठभेड़ से पहले असद और गुलाम एक बाइक से चिरगांव से होते हुए पारीछा की जा रहे थे। बताया जा रहा कि असद ने पहले पारीछा की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से पहले पड़ने वाले एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाया। इसी पेट्रोल पंप पर कुछ दिन पहले अतीक अहमद के काफिले के लिए भी पेट्रोल भरवाया गया था।
असद मुठभेड़ की पड़ताल करने आएंगे पूर्व आईपीएस अमिताभ
असद मुठभेड़ की पड़ताल करने पूर्व आईपीएस एवं अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर रविवार को झांसी आएंगे। इस दौरान वह घटना स्थल पर जाकर इसकी सत्यता परखेंगे।