ललितपुर। सोमवार को 15 साल की मंजेश दो बच्चों के लिए फरिश्ता बन गई। कोतवाली अंतर्गत ग्राम दैलवारा से करीब एक किमी दूर नगर पालिका के कचराघर में बने खदान में नहा रहे तीन बच्चों को वह बचाने के लिए दौड़ी। इसमें से दो को तो वह अपनी जान पर खेलकर बचाने में कामयाब हो गई, लेकिन तीसरे बच्चे को बचाते समय वह खुद भी डूबने लगी। गांववालों ने मंजेश और तीसरे बच्चे को आननफानन अस्पताल पहुंचाया। यहां मंजेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तीसरे बच्चे की हालत ठीक है।
ग्राम दैलवारा में कचरा घर के अंदर स्थित खदान में 12-15 फीट पानी भरा हुआ है। यहीं गांव के अरविंद (11), शिवम (12), चंद्रपाल (11) अन्य बच्चों के साथ नहा रहे थे। नहाते समय अरविंद, शिवम व चंद्रपाल अचानक से गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। यह देखकर किनारे पर मौजूद अन्य बच्चे शोर मचाने लगे। शोर सुनकर पास में बकरियां चरा रही कक्षा 11 की छात्रा मंजेश कुमारी भागकर मौके पर पहुंची और बच्चों को बचाने के लिए खदान के पानी में कूद गई। मंजेश ने पहले अरविंद को बाहर निकाला, इसके बाद चंद्रपाल को। दोनों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद मंजेश शिवम को बाहर निकालने का प्रयास करने लगी। इस दौरान वह स्वयं पानी में डूबने लगी। यह देखकर बच्चों ने शोर मचाकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया। गांव के दिनेश व धीरेंद्र मौके पर पहुंचे और खदान में कूद गए। उन्होंने पानी के अंदर से मंजेश व शिवम को बाहर निकाला।
नहीं जानती थी तैरना फिर भी कूद गई जान बचाने
पिता गनेश प्रसाद ने बताया मंजेश तैरना नहीं जानती थी। शोर सुनकर जब वह खदान के पास पहुंची तो पानी में डूब रहे बच्चे मंजेश से बुआ बचा लो की पुकार करने लगे। यह देखकर मंजेश खदान में कूद गई थी और उसने किसी प्रकार अरविंद व चंद्रपाल को सुरक्षित बाहर तक पहुंचा दिया था। तीसरे बच्चे को बचाने में वह स्वयं डूब गई और उसकी मौत हो गई।
टैक्सी चलाते हैं पिता, मुश्किल से चलता है घर का खर्च
मंजेश तीन बहन, एक भाई में सबसे छोटी थी। पिता गनेश प्रसाद अहिरवार शहर में टैक्सी चलाते हैं। बड़ी बेटी वर्षा (22) एमए में पढ़ रही है। पुत्र आशीष (18) इंटरमीडिएट का छात्र है। तीसरे नंबर की बेटी डोली (16) बारहवीं की छात्रा है। उसे जीजीआईसी में कक्षा 11वीं प्रवेश लेना था।
गांव वाले बोले - बहादुर थी मंजेश बिटिया
गांव वालों ने मंजेश की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि हमें गर्व है। जिस बहादुरी से मंजेश ने दो बच्चों को बचाया है वह हमेशा याद रहेगा। गांव के लोग भी बेटी की हिम्मत को सराह रहे हैं। इसके साथ ऐसी हिम्मती बेटी की मौत हो जाने पर पीड़ित परिवार को दिलासा भी दे रहे हैं।
32 एकड़ क्षेत्रफल में बना है कचरा घर, नगर पालिका का कचरा होता है डंप
ग्राम दैलवारा के लोगों ने बताया कि गांव में रेलवे किनारे पर करीब 32 एकड़ भूमि पर कचरा घर बना है। इसमें शहर का कचरा नगर पालिका की ओर से डाला जाता है। इस कचरा घर में ही खदान है। जिसमें वर्तमान समय में 12-15 फुट गहराई तक का पानी भरा हुआ है। इसी खदान में गांव के बच्चे नहाते हैं।