संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बीते वर्ष डेंगू के कहर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पतालों डेंगू के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। जिला अस्पताल में 20 तो सीएचसी व पीएचसी पर पांच-पांच बेड आरक्षित किए गए हैं।
यहां 2023 में डेंगू का प्रकोप ज्यादा था। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में महज 22 मरीज थे तो 2023 में साढ़े सात गुना बढ़कर यह संख्या 170 पर पहुंच गई थी। इस बार डेंगू पर नियंत्रण पाने के लिए विभाग तैयारियाें में जुट गया है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। जलभराव की निकासी की जिम्मेदारी नगर में नगर निकाय व ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज विभाग को दी गई है। आशाएं व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर लोगों को मच्छर जनित बीमारियों के बारे में जागरूक कर रही हैं। लोगों को कूलर व पानी के पात्रों में अधिक दिनों तक पानी जमा न रहने देने की सलाह दे रही हैं। समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से उपचार लेने की सलाह दे रही हैं।
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जिला अस्पताल में 20 बेड आरक्षित
जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाकर तैयार है। यहां 20 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। कक्ष की खिड़कियों से मच्छर न प्रवेश कर सकें, इसके लिए जाली लगाई गई है। पलंग पर भी मच्छरदानी लगाई गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
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दवाइयां कराई गईं उपलब्ध
जिला अस्पताल में डेंगू व मच्छर जनित बीमारियों के उपचार की पर्याप्त दवाइयां उपलब्धता करा दी गई हैं। सीएमओ डॉ. इम्तियाज अहमद ने बताया कि जांच की सुविधा भी जिला अस्पताल में हैं। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
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जिला अस्पताल में डेंगू के लिए 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। सभी जरूरी सुविधाएं करा दी गई हैं।
- डॉ. डीनाथ, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय