पुलिस कर्मियों का बौद्धिक स्तर
जांचने के साथ ही उसे और अधिक प्रखर बनाने के लिए एक नई पहल की है। सभी
थानों में तैनात आरक्षी, हेड कांस्टेबिल, दारोगा और इंसपेक्टर को पुलिस
अधीक्षक बनकर सोचने का मौका दिया गया है और उनसे यदि मै पुलिस
अधीक्षक होता' विषय पर छह सौ शब्दों में लिखित विचार मांगे गए
हैं। इसके लिए बर्तनी पर कोई ध्यान नहीं दिया जाएगा, बस उनके लेखन में उनके
व्यवहारिक पक्ष, नये विचार, सेवाकाल के अनुभव और व्यक्तिगत सोच का
मूल्यांकन किया जाएगा। प्रतिभागियों को विचार प्रस्तुत करने के लिए थानेदार
चार सादा कागज उपलब्ध कराएंगे, फिर उन विचारों के साथ पीएनओ नंबर और
नियुक्ति का स्थान भी लिखना होगा। यह विचार थानेदारों के माध्यम से अथवा
एसपी पेशकार को 25 जुलाई तक उपलब्ध कराने होंगे। मूल्यांकन में निरीक्षक
एवं उपनिरीक्षक तथा हेड कांस्टेबिल एवं कांस्टेबिल को अलग- अलग श्रेणियों
में रखा जाएगा।